पर्सनल लोन की मंजूरी में क्रेडिट हिस्ट्री की अहम भूमिका होती है। यदि पहले लिए गए लोन या क्रेडिट कार्ड की EMI समय पर नहीं चुकाई गई है, भुगतान में बार-बार देरी हुई है या खाते में बकाया लंबे समय तक रहा है तो इससे आपकी क्रेडिट प्रोफाइल प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में बैंक को भविष्य में समय पर भुगतान को लेकर जोखिम दिखाई दे सकता है।
इसलिए नया लोन लेने से पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जानकारी लेना उपयोगी होता है। रिपोर्ट में किसी पुराने भुगतान, खाते या व्यक्तिगत जानकारी से जुड़ी गलती दिखाई दे तो उसे ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। बेहतर क्रेडिट इतिहास होने से आवेदन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, हालांकि केवल क्रेडिट स्कोर के आधार पर लोन मंजूरी सुनिश्चित नहीं होती।
दूसरी बड़ी वजह कम आय या पहले से चल रही ज्यादा EMI हो सकती है। बैंक यह देखता है कि आवेदक की मासिक आमदनी कितनी है और उसका कितना हिस्सा पहले से मौजूद कर्ज चुकाने में खर्च हो रहा है। यदि आय की तुलना में मौजूदा वित्तीय जिम्मेदारियां अधिक हैं तो नई EMI चुकाने की क्षमता पर सवाल उठ सकता है।
नौकरी या आय में अस्थिरता भी आवेदन प्रभावित कर सकती है। बार-बार नौकरी बदलना, मौजूदा नौकरी में कम अवधि या अनियमित आय बैंक के जोखिम आकलन को प्रभावित कर सकती है। स्वरोजगार करने वाले आवेदकों से आय की निरंतरता और आर्थिक स्थिति समझने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
कम समय में कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करना भी सावधानी का विषय है। लगातार कई क्रेडिट आवेदन करने पर क्रेडिट प्रोफाइल में कई जांच दर्ज हो सकती हैं। इससे यह संकेत मिल सकता है कि व्यक्ति एक साथ कई जगह से कर्ज लेने की कोशिश कर रहा है। इसलिए एक आवेदन अस्वीकार होने के तुरंत बाद कई अन्य संस्थानों में आवेदन करने से बचना बेहतर है।
दस्तावेजों में छोटी सी गलती भी आवेदन की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। पहचान, आय, नौकरी, बैंक खाते या व्यक्तिगत विवरण में अलग-अलग जानकारी होने पर सत्यापन में परेशानी आ सकती है। आवेदन जमा करने से पहले सभी दस्तावेजों में नाम, पता, आय और रोजगार संबंधी विवरण सही तथा एक-दूसरे से मेल खाते होने चाहिए।
यदि पर्सनल लोन का आवेदन अस्वीकार हो जाए तो तुरंत दूसरे बैंक या वित्तीय संस्थान में आवेदन करने के बजाय पहले अस्वीकृति का कारण समझना चाहिए। क्रेडिट रिपोर्ट की जांच, मौजूदा कर्ज की समीक्षा और दस्तावेजों में सुधार के बाद ही अगला आवेदन करना अधिक उचित होता है। लोन का एक बार रिजेक्ट होना स्थायी बाधा नहीं है, लेकिन अगला आवेदन करने से पहले उस कमी को दूर करना जरूरी है जिसकी वजह से पिछला आवेदन प्रभावित हुआ था।
