मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दोपहर 12 बजे अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाला सोना 247 रुपये यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,63,476 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोने ने 1,62,564 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,63,617 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऊपरी स्तर दर्ज किया।
सोने की कीमत में दिन के दौरान ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। इससे बाजार में फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार का संकेत मिला। मंगलवार सुबह सोना पिछले कारोबारी सत्र के 1,63,229 रुपये प्रति 10 ग्राम के बंद भाव की तुलना में मामूली कमजोरी के साथ 1,63,015 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला था। बाद में खरीदारी बढ़ने के साथ कीमत में सुधार हुआ और यह 1.63 लाख रुपये के स्तर को पार कर गया।
दूसरी ओर चांदी के वायदा भाव में कमजोरी रही। सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी दोपहर तक 542 रुपये यानी 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,43,678 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। दिन के कारोबार में चांदी ने 2,44,420 रुपये प्रति किलोग्राम का ऊपरी स्तर और 2,42,299 रुपये प्रति किलोग्राम का निचला स्तर छुआ।
चांदी की शुरुआत भी पिछले बंद भाव की तुलना में कमजोर रही। इसका पिछला बंद भाव 2,44,220 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि मंगलवार सुबह कारोबार की शुरुआत 2,42,299 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर हुई। इसके बाद कीमत में कुछ सुधार आया, लेकिन यह पिछले बंद स्तर से नीचे बनी रही।
बाजार में सोने की मजबूती के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ईरान पर अमेरिका के प्रतिबंधों और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर सेकेंडरी सैंक्शन के खतरे ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत मजबूत बनी हुई थी। कॉमेक्स पर सोना 0.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,708 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय कीमत का यह स्तर पिछले करीब तीन महीनों में सबसे ऊंचे स्तर के आसपास रहा। दूसरी ओर चांदी लगभग स्थिर रही और करीब 68 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी।
कीमती धातुओं के बाजार में आगे की दिशा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और निवेशकों की धारणा से प्रभावित हो सकती है। सोने को सुरक्षित निवेश की मांग से समर्थन मिलता रहा तो इसकी कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। वहीं चांदी की चाल पर औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजारों के संकेतों का भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल घरेलू बाजार की तस्वीर में सोना बढ़त के साथ और चांदी गिरावट के साथ कारोबार कर रही है। निवेशकों के लिए आने वाले कारोबारी सत्रों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा और ईरान से जुड़े घटनाक्रम महत्वपूर्ण संकेतक बने रह सकते हैं।
