कल्याण बांदी के मुताबिक उन्होंने साल 2019 में गांधारी नाम से एक कहानी तैयार की थी। उनकी कहानी में एक मां की जिंदगी के इर्द गिर्द घटनाएं घूमती हैं और बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ने के बाद वह बेहद खतरनाक रूप धारण कर लेती है। इसी कहानी को लेकर उन्होंने उस समय की Voot अधिकारी मोनिका शेरगिल से संपर्क किया था। कल्याण का कहना है कि उन्होंने उन्हें करीब आठ पन्नों की कहानी और दो पन्नों का सार भेजा था। कहानी देखने के बाद उन्हें बताया गया कि यह उस समय कंपनी की योजनाओं के मुताबिक उपयुक्त नहीं है।
कल्याण का दावा है कि उन्होंने अपनी कहानी और उसके सार को स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन में भी रजिस्टर कराया था। इसके बाद उन्होंने कई वर्षों तक अपनी कहानी पर काम जारी रखा। साल 2023 में उन्होंने हरमन बावेजा के स्टूडियो से भी संपर्क किया और कहानी तथा स्क्रीनप्ले को लेकर कई महीनों तक बातचीत चली। उन्होंने अपनी कहानी जियो हॉटस्टार को भी भेजी थी।
मामला तब गंभीर हुआ जब साल 2025 में नेटफ्लिक्स पर तापसी पन्नू की गांधारी का ऐलान हुआ। कल्याण के मुताबिक फिल्म का नाम सामने आते ही उन्हें अपनी पुरानी कहानी याद आई। उन्होंने फिल्म से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू की और जब दोनों कहानियों की तुलना की तो उन्हें कई समानताएं नजर आईं। इसके बाद उन्होंने इस मामले को उठाने का फैसला किया।
कल्याण का कहना है कि उन्होंने सितंबर 2025 में कानूनी नोटिस भी भेजा था। नोटिस में उन्होंने कथित तौर पर कहानी के इस्तेमाल को लेकर मुआवजे और क्रेडिट की मांग की थी। करीब 40 लाख रुपये के मुआवजे की मांग किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि लेखक का कहना है कि उनका असली उद्देश्य पैसा हासिल करना नहीं है। वह चाहते हैं कि अगर उनकी कहानी का इस्तेमाल हुआ है तो उन्हें उसका उचित क्रेडिट दिया जाए।
कल्याण के अनुसार नोटिस के बाद भी उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उनका दावा है कि लंबे समय तक चलने वाली कानूनी लड़ाई का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल था इसलिए उन्होंने आगे कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए अपनी रचना की पहचान और उसका श्रेय पैसे से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
वहीं कनिका ढिल्लों के प्रोडक्शन हाउस कत्था पिक्चर्स ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। प्रोडक्शन हाउस का कहना है कि गांधारी पूरी तरह ओरिजिनल फिल्म है और इसकी कहानी तथा स्क्रीनप्ले कनिका ढिल्लों की अपनी रचना है। कंपनी ने अपुष्ट आरोपों को सच मानकर प्रकाशित या साझा नहीं करने की अपील भी की है। इस पूरे विवाद पर नेटफ्लिक्स और मोनिका शेरगिल की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
फिलहाल तापसी पन्नू की गांधारी की रिलीज से पहले सामने आया यह विवाद फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ा सकता है। एक तरफ लेखक अपनी कहानी के लिए पहचान और क्रेडिट की मांग कर रहे हैं तो दूसरी तरफ फिल्म की टीम कहानी चोरी के आरोपों को पूरी तरह गलत बता रही है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस विवाद को लेकर कोई कानूनी या आधिकारिक कदम उठाया जाता है या नहीं।
