भर्तियों में यह तेजी उस दौर में आई जब बेरोजगारी और लंबित भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं का आंदोलन चल रहा था। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के बैनर तले युवाओं ने 6 जून से 25 जुलाई तक जंतर-मंतर समेत विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान युवाओं ने सरकारी भर्तियों की संख्या बढ़ाने लंबित परीक्षाओं के परिणाम जारी करने और भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग उठाई थी। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कुछ भर्तियों की प्रक्रिया पहले धीमी गति से आगे बढ़ रही थी लेकिन आंदोलन के बाद कई विभागों ने रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी दिखाई।
आंदोलन से पहले यानी जनवरी से जून के बीच MPESB MPPSC और अन्य विभागों के जरिए कुल 7,723 पदों पर भर्ती के विज्ञापन जारी हुए थे। इनमें MPESB के 5,346 पद शामिल थे। इन पदों में आईटीआई ट्रेनिंग ऑफिसर पुलिस एएसआई वनरक्षक जेल प्रहरी और नर्सिंग ऑफिसर जैसी भर्तियां शामिल रहीं। MPPSC के जरिए 1,391 पदों पर भर्ती निकली जबकि पुलिस बैंड आरक्षक के 679 पदों के अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन MPSEDC MPPCB MPBDC और अन्य विभागों में भी पदों के विज्ञापन जारी हुए।
भर्ती प्रक्रिया में सबसे बड़ा बदलाव आंदोलन खत्म होने के आसपास देखने को मिला। 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त हुआ और इसके अगले ही दिन 26 जुलाई को 4,771 पदों पर भर्ती के विज्ञापन जारी किए गए। इससे पहले 23 जुलाई को सरकार ने पुलिस विभाग में 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी थी। इनमें 8,500 आरक्षक GD और चालक के पद शामिल हैं। खास बात यह है कि पुलिस विभाग में इतनी बड़ी भर्ती करीब आठ साल बाद होने जा रही है।
सिर्फ नए विज्ञापन ही नहीं बल्कि लंबित भर्ती परीक्षाओं के परिणाम जारी करने की दिशा में भी तेजी दिखाई दी। 4,848 पदों के लिए हुई परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए गए। इनमें 2,873 पदों के परिणाम 26 जुलाई से 21 अगस्त के बीच जारी हुए। यानी आंदोलन खत्म होने के बाद नए विज्ञापनों के साथ पुराने भर्ती परिणामों को जारी करने का काम भी तेज हुआ।
अब युवाओं की नजर सितंबर से दिसंबर 2026 के भर्ती कैलेंडर पर है। MPESB के संशोधित कैलेंडर के मुताबिक इस अवधि में 11 बड़ी भर्ती परीक्षाएं प्रस्तावित हैं जिनमें कुल 19,062 पद शामिल हैं। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अवसरों का दायरा और बढ़ सकता है।
सरकार ने भी सरकारी नौकरियों को लेकर बड़ा लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त को वर्ष 2026 में एक लाख सरकारी नौकरियों की भर्ती का लक्ष्य घोषित किया। इसके साथ 2027-28 तक करीब दो लाख सरकारी पदों पर भर्ती अभियान की रूपरेखा तैयार करने की बात कही गई है। सरकार ने पांच साल में 2.5 लाख सरकारी पदों पर भर्ती का लक्ष्य भी रखा है।
भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए आवेदन से लेकर रिजल्ट तक डिजिटल सिस्टम विकसित करने की तैयारी है। अभ्यर्थियों को भर्ती से जुड़ी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराने के लिए विशेष ऐप लाने की घोषणा की गई है। इसके अलावा पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए विशेष कानून बनाने की तैयारी भी बताई गई है।
कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में सरकारी भर्तियों की तस्वीर आने वाले महीनों में और बदल सकती है। जुलाई-अगस्त में बढ़ी भर्ती की रफ्तार और सितंबर से दिसंबर तक प्रस्तावित 19 हजार से ज्यादा पद युवाओं के लिए बड़ा अवसर हैं। हालांकि अभ्यर्थियों के लिए जरूरी होगा कि वे आधिकारिक भर्ती कैलेंडर आवेदन की तारीख पात्रता और परीक्षा कार्यक्रम पर नजर रखें क्योंकि केवल विज्ञापन जारी होना नौकरी मिलने की गारंटी नहीं है बल्कि चयन प्रक्रिया के हर चरण में सफलता हासिल करना जरूरी होगा।
