चित्रकूट के मऊ में दस साल से बदहाल संपर्क मार्ग, बारिश में जलभराव और कीचड़ से स्कूली बच्चों सहित ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किल
नई दिल्ली । चित्रकूट जिले के मऊ विकासखंड क्षेत्र में बारिश के दौरान बदहाल संपर्क मार्ग ने ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्राम पंचायत सेसा सुबकरा मुस्तकिल के मजरा जग्गी का डेरा में स्कूल तक जाने वाला रास्ता लंबे समय से खराब स्थिति में है। कच्चे और गहरे रास्ते पर बारिश का पानी जमा होने के कारण इन दिनों कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की समस्या करीब दस वर्षों से बनी हुई है और कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग गांव के लिए महत्वपूर्ण संपर्क रास्ता है और इसी रास्ते से बच्चे स्कूल जाने के लिए निकलते हैं। लगातार बारिश के कारण रास्ते पर पानी और कीचड़ जमा हो गया है। ऐसी स्थिति में बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बच्चे पानी और कीचड़ में फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उन्हें चोट भी लगती है। खराब रास्ते के कारण अभिभावकों की चिंता भी बढ़ी हुई है।
बारिश के दिनों में समस्या केवल स्कूली बच्चों तक सीमित नहीं रहती। ग्रामीणों को पैदल आने-जाने के साथ बाइक और दूसरे वाहनों को निकालने में भी मुश्किल होती है। पानी जमा होने और कीचड़ बढ़ने से रास्ते की स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि सामान्य आवागमन प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव का यह प्रमुख संपर्क मार्ग होने के बावजूद लंबे समय से इसकी अनदेखी की जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि रास्ते के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जे की वजह से मार्ग निर्माण में बाधा आ रही है। उनका कहना है कि यदि रास्ते को व्यवस्थित तरीके से कब्जामुक्त कराकर निर्माण कराया जाए तो जलभराव और आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। ग्रामीणों के मुताबिक समस्या की शिकायत करीब दस वर्षों से तहसील और जिला स्तर पर संबंधित अधिकारियों के सामने रखी जाती रही है, लेकिन अभी तक रास्ते का निर्माण नहीं हो सका।
खराब संपर्क मार्ग का असर आपात परिस्थितियों में भी गंभीर हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो जाए तो उसे मुख्य मार्ग तक पहुंचाने में कठिनाई हो सकती है। कई बार मरीज को चारपाई पर ले जाने जैसी स्थिति बन सकती है। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने और किसी आपात स्थिति में वाहन को गांव तक पहुंचाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी रूप से पानी हटाने के बजाय रास्ते का स्थायी निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि बारिश के मौसम में हर साल पैदा होने वाली परेशानी से निजात मिल सके। ग्रामीणों की मांग है कि मार्ग की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराकर जल निकासी की उचित व्यवस्था भी की जाए।
इस मामले में खंड विकास अधिकारी आलोक कुमार तिवारी ने बताया कि संबंधित सचिव से जानकारी ली गई है। सचिव की ओर से रास्ते पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की बात सामने आने की जानकारी दी गई है। बीडीओ के अनुसार अधिकारियों से बातचीत कर उपजिलाधिकारी के माध्यम से रास्ते को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके बाद मार्ग निर्माण कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कदम उठाकर रास्ते को दुरुस्त कराएगा और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
