शेयर बाजार में निवेश शुरू करने के लिए सबसे पहले डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होती है। इसके लिए निवेशक को किसी पंजीकृत ब्रोकर के माध्यम से अकाउंट खोलना होता है। डीमैट अकाउंट में खरीदे गए शेयर इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखे जाते हैं जबकि ट्रेडिंग अकाउंट के जरिए शेयरों की खरीद और बिक्री की जाती है। अकाउंट खोलने से पहले ब्रोकरेज चार्ज अन्य शुल्क और संबंधित सुविधाओं को समझ लेना चाहिए।
निवेश की शुरुआत हमेशा अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार करनी चाहिए। ऐसा पैसा शेयर बाजार में नहीं लगाना चाहिए जिसकी जरूरत निकट भविष्य में पड़ने वाली हो। पहले इमरजेंसी फंड और जरूरी खर्चों की व्यवस्था करना बेहतर माना जाता है। इसके बाद अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि तय करनी चाहिए। लंबे समय के लिए निवेश करने वाले व्यक्ति और कुछ महीनों के लिए ट्रेडिंग करने वाले निवेशक की रणनीति अलग होती है।
किसी कंपनी के शेयर खरीदने से पहले उसके कारोबार और वित्तीय स्थिति को समझना बेहद जरूरी है। कंपनी का कारोबार किस क्षेत्र में है उसकी आय और मुनाफा कैसा है उस पर कितना कर्ज है और भविष्य में उसके सामने कौन से अवसर और चुनौतियां हैं जैसी बातों पर ध्यान देना चाहिए। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट और आधिकारिक वित्तीय जानकारी को समझना सोशल मीडिया की अफवाहों पर भरोसा करने से कहीं बेहतर तरीका है।
नए निवेशकों के लिए एक ही कंपनी में अपनी पूरी रकम लगाने से बचना भी महत्वपूर्ण है। अलग अलग कंपनियों और क्षेत्रों में निवेश फैलाने से किसी एक शेयर के खराब प्रदर्शन का पूरे पोर्टफोलियो पर असर कुछ हद तक कम किया जा सकता है। हालांकि विविधीकरण भी नुकसान की गारंटी नहीं देता। बाजार में निवेश करते समय जोखिम हमेशा बना रहता है।
शेयर बाजार में धैर्य भी बेहद महत्वपूर्ण है। बाजार में कभी तेजी तो कभी गिरावट आती है और छोटी अवधि के उतार चढ़ाव देखकर घबराकर फैसला लेना नुकसानदायक हो सकता है। निवेशक को अपने तय लक्ष्य और निवेश अवधि के अनुसार समय समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए। अगर किसी शेयर को खरीदने की वजह बदल गई है तो उसके प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं पर दोबारा विचार करना जरूरी है।
निवेशकों को गारंटीड रिटर्न के दावों से सावधान रहना चाहिए। शेयर बाजार में कोई भी व्यक्ति निश्चित और बिना जोखिम वाले मुनाफे की गारंटी नहीं दे सकता। ट्रेडिंग खासकर इंट्राडे और डेरिवेटिव्स में जोखिम काफी अधिक हो सकता है इसलिए शुरुआती निवेशकों को बिना पर्याप्त जानकारी और अनुभव के ऐसे विकल्पों में पैसा लगाने से बचना चाहिए।
कुल मिलाकर शेयर बाजार में सफल निवेश का आधार जल्दी पैसा कमाना नहीं बल्कि सही जानकारी अनुशासन जोखिम प्रबंधन और लंबी अवधि की सोच है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य तय करें जोखिम समझें और जरूरत पड़ने पर सेबी पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें। किसी भी निवेश का फैसला अपनी परिस्थितियों के अनुसार सोच समझकर लेना चाहिए।
