चित्रकूट: में पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने राजापुर सर्किल के अंतर्गत आने वाले विभिन्न थानों में कानून व्यवस्था और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की। क्षेत्राधिकारी राजापुर यामीन अहमद की मौजूदगी में हुई इस समीक्षा के दौरान थाना राजापुर, सरधुवा, पहाड़ी और रैपुरा के विवेचकों से मामलों की प्रगति की जानकारी ली गई।
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले की जांच अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए और विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों को व्यवस्थित तरीके से जुटाकर कार्रवाई को मजबूत बनाया जाना चाहिए।
समीक्षा के दौरान साक्ष्य ऐप के अधिक से अधिक उपयोग पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को निर्देश दिए गए कि जांच से संबंधित उपलब्ध साक्ष्यों को ऐप के माध्यम से तैयार कर संबंधित मामलों से जोड़ा जाए। इससे विवेचना की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है।
एसपी ने थानों में आने वाले प्रार्थना पत्रों के निस्तारण को लेकर भी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक प्रार्थना पत्र का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतकर्ता की समस्या को समझने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया।
अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। एसपी ने विशेष रूप से चोरी, नकबजनी और टप्पेबाजी जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही पहले हो चुकी ऐसी घटनाओं का जल्द से जल्द खुलासा करने और अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया।
महिला और दलित उत्पीड़न से संबंधित मामलों में भी पुलिस को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। एसपी ने कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई केवल समय पर ही नहीं, बल्कि प्रभावी और कानून के अनुरूप होनी चाहिए। पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने फरियादियों के साथ पुलिसकर्मियों के व्यवहार को भी समीक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि थाने पहुंचने वाले लोगों के साथ मृदुल व्यवहार किया जाए। फरियादी की समस्या को ध्यानपूर्वक सुनने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए और उसकी शिकायत के अनुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
समीक्षा के दौरान राजापुर के प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार प्रजापति, पहाड़ी के प्रभारी निरीक्षक निशिकान्त राय, सरधुवा के प्रभारी निरीक्षक शिवआसरे और रैपुरा के थानाध्यक्ष राम सिंह सहित संबंधित विवेचक मौजूद रहे। अधिकारियों से उनके क्षेत्रों में दर्ज मामलों और चल रही जांच की स्थिति पर जानकारी ली गई।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल घटना होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पुलिस को घटनाओं की रोकथाम के लिए पहले से प्रभावी कदम उठाने होंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और पुराने मामलों के निस्तारण में तेजी लाने से कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
बैठक के दौरान दिए गए निर्देशों का उद्देश्य लंबित विवेचनाओं को गति देने के साथ नागरिकों की शिकायतों का बेहतर समाधान और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना रहा। पुलिस अधिकारियों से इन निर्देशों के अनुपालन में नियमित प्रगति बनाए रखने की अपेक्षा की गई।
