बताया गया कि आग लगने के समय होटल के अंदर कई लोग मौजूद थे। आग और धुएं के कारण उन्हें बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और दमकल कर्मियों ने काफी सावधानी के साथ बचाव अभियान चलाया। इस दौरान होटल में फंसे 22 लोगों को सीढ़ी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बचाव अभियान के बाद 11 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार इनमें से दो लोगों की हालत सुस्त बताई गई, जबकि एक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। मृतकों की पहचान और घटना से जुड़े अन्य विवरणों की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर शुरुआती स्थिति ऐसी थी कि होटल के बाहर से धुआं या आग की लपटें स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही थीं। इसके बावजूद अंदर आग फैलने के बाद स्थिति गंभीर हो गई। दमकल कर्मियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने होटल के अलग-अलग हिस्सों की जांच कर फंसे लोगों को बाहर निकाला।
आग लगने के कारणों को लेकर फिलहाल शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग वास्तव में किस वजह से लगी तथा होटल में अग्नि सुरक्षा से जुड़े पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं। जांच के दौरान बिजली व्यवस्था, आग बुझाने के उपकरण और आपातकालीन निकासी व्यवस्था जैसे पहलुओं को भी देखा जा सकता है।
हादसे के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी की कार्यप्रणाली और बड़े भवनों में अग्निशमन सुविधाओं को लेकर चर्चा तेज हुई है। विधायक ध्रुबा साहा ने व्यवस्था में बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी इमारत तैयार की गई, लेकिन आग पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखाई दिए।
पुलिस ने होटल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे हिरासत में लिया है। उससे होटल में मौजूद सुरक्षा इंतजामों, आग लगने की परिस्थितियों और घटना के दौरान अपनाई गई व्यवस्थाओं को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी है।
तारापीठ पश्चिम बंगाल का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में यहां होटल और अन्य ठहरने वाले स्थानों में अग्नि सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस घटना के बाद होटल परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की जरूरत भी सामने आई है। फिलहाल पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
