सुबह से ही नीलम पार्क में छात्रों का पहुंचना शुरू हो गया था। हाथों में पोस्टर लेकर पहुंचे विद्यार्थियों ने सरकार से उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि उन्होंने नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के लिए वर्षों मेहनत की लेकिन परीक्षा डिग्री और रजिस्ट्रेशन जैसी जरूरी प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं। इसका सीधा असर उनकी आगे की पढ़ाई नौकरी और करियर पर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण में समय लगाया है उन्हें अब अपने भविष्य को लेकर लगातार अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों ने कॉलेजों की मान्यता से जुड़े विवाद को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि किसी कॉलेज को मान्यता देना या उसकी वैधता की जांच करना विद्यार्थियों की जिम्मेदारी नहीं है। यदि किसी संस्थान को नियमों के विपरीत मान्यता दी गई है या मान्यता प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित शासन प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन की तय होनी चाहिए। विद्यार्थियों का कहना है कि व्यवस्था की किसी गलती का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने साफ कर दिया कि वे केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने मांगों के समाधान को लेकर सरकार से लिखित आश्वासन देने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिलता तब तक आंदोलन जारी रखने पर वे अड़े रहेंगे। प्रदर्शन में मनोज रजक समेत कई छात्रों ने सरकार से तत्काल निर्णय लेकर विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने की अपील की।
नर्सिंग छात्रों की प्रमुख मांगों में मामले की जल्द सुनवाई और छात्रों के हित में समाधान शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने नर्सिंग मामले की स्पेशल बेंच के माध्यम से जल्द सुनवाई कराने की मांग की है। इसके साथ ही B.Sc. Nursing और GNM के सभी श्रेणियों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं बिना देरी एक साथ कराने की मांग रखी गई है। इसमें suitable और unsuitable विद्यार्थियों के साथ ग्वालियर क्षेत्र के 56 कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल हैं।
छात्रों ने बैच 2020-21 के विद्यार्थियों को दिसंबर 2026 तक डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण करने और नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता से जुड़ी अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि सरकार को पूरे मामले में जल्द ठोस कदम उठाना चाहिए ताकि वर्षों से परीक्षा डिग्री और रजिस्ट्रेशन का इंतजार कर रहे हजारों छात्रों को राहत मिल सके और उनका करियर आगे बढ़ सके।
