जानकारी के मुताबिक इंदौर जोन-1 के डीसीपी नरेंद्र रावत को राऊ इलाके में बड़े स्तर पर जुआ संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अलग अलग पुलिस टीमों को तैयार कर देर रात संदिग्ध स्थान पर भेजा गया। पुलिस को पेट्रोल पंप के आसपास जुआ चलाए जाने की जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने रात करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंचकर घेराबंदी शुरू की।
पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों को कार्रवाई की भनक लग गई। पुलिस की गाड़ियां देखकर जुआ खेल रहे लोग मौके से भागने लगे। कई जुआरी खेतों की तरफ दौड़ गए। रात का अंधेरा होने के कारण पुलिस के लिए खेतों में भागे लोगों का पीछा करना मुश्किल रहा। भागने के दौरान जुआरी अपनी बाइक तक मौके पर छोड़ गए। पुलिस को वहां ताश के पत्ते भी मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद वाहनों को जब्त कर लिया।
पुलिस अब जब्त की गई बाइकों के नंबर और दस्तावेजों के आधार पर उनके मालिकों की जानकारी जुटा रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि मौके पर कौन कौन लोग मौजूद थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जब्त वाहन वास्तव में जुआ खेलने आए लोगों के थे या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत हैं। जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक राऊ क्षेत्र में जिस स्थान पर कार्रवाई की गई वहां पिछले कुछ दिनों से जुआ संचालित होने की जानकारी मिल रही थी। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह से यहां लोगों की आवाजाही बढ़ी हुई थी। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गतिविधि के पीछे कौन लोग थे और कथित जुए का अड्डा किसके इशारे पर चल रहा था।
इस कार्रवाई को हाल में इंदौर के दूसरे इलाकों में जुए के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले क्राइम ब्रांच ने लसूड़िया थाना क्षेत्र के महालक्ष्मी नगर में कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में जुआरियों को पकड़ा था। उस कार्रवाई में करीब दो दर्जन लोगों के पकड़े जाने और बड़ी रकम बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद कथित तौर पर जुए से जुड़े कुछ लोगों ने राऊ इलाके में अपना नया ठिकाना बना लिया था। हालांकि इस कड़ी की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
राऊ पुलिस की देर रात हुई कार्रवाई के बाद इलाके में जुआ संचालकों और जुआ खेलने वालों के बीच हड़कंप की स्थिति है। पुलिस अब जब्त बाइकों के जरिए फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी संदिग्धों की पहचान की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस ने मौके से मिले वाहनों और ताश के पत्तों को जांच में शामिल किया है। पुलिस का कहना है कि फरार लोगों की पहचान और भूमिका सामने आने के बाद संबंधित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से एक बात साफ है कि पुलिस को यदि किसी क्षेत्र में लंबे समय से जुआ संचालित होने की सूचना मिलती है तो वह देर रात भी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हट रही है।
