नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में संबंधित नगरीय निकायों और ठेकेदार कंपनियों का पक्ष सुना गया। इसके बाद परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति और अनुबंध की शर्तों की समीक्षा की गई। विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि अमृत मिशन जैसी जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में अनावश्यक देरी को अब सामान्य प्रक्रिया मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। इससे पहले भी विभाग की समीक्षा बैठकों में धीमी प्रगति वाले कामों पर सस्पेंशन एलडी और ब्लैकलिस्टिंग जैसी कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं।
भोपाल में अमृत 2.0 की दो सीवरेज परियोजनाएं इस कार्रवाई के दायरे में आई हैं। पैकेज-2 के लिए मेसर्स जयवरूदी इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड और पैकेज-3 के लिए मेसर्स एलसी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट किया गया है। राजधानी में सीवरेज नेटवर्क से जुड़े इन कामों की धीमी प्रगति को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सीवरेज परियोजनाओं में सड़क खुदाई पाइपलाइन बिछाने सीवर नेटवर्क तैयार करने और घरों को कनेक्शन देने जैसे काम शामिल होते हैं। ऐसे कार्यों में देरी का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।
देवास की सीवरेज परियोजना में मेसर्स दिनेशचंद्र आर अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड पर कार्रवाई हुई है। वहीं सतना की अमृत 1.0 परियोजना से जुड़ी मेसर्स इनविराड प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है। पीथमपुर की अमृत 2.0 परियोजना में मेसर्स आर एंड बी इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड कार्रवाई के दायरे में आई है। इस तरह चार शहरों की पांच परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई है।
आयुक्त संकेत भोंडवे ने अधिकारियों और ठेकेदारों को साफ संदेश दिया है कि अमृत मिशन की परियोजनाएं सीधे जनता से जुड़ी हैं। इसलिए तय समय के अनुसार काम पूरा नहीं करना और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। विभाग ने बचे हुए काम को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश भी दिए हैं। परियोजनाओं की नियमित समीक्षा के जरिए उनकी भौतिक और वित्तीय प्रगति पर नजर रखने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।
मध्य प्रदेश सरकार पहले भी शहरी विकास योजनाओं में खराब प्रदर्शन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करती रही है। जनवरी 2026 में हुई अमृत मंथन कार्यशाला के दौरान भी 35 परियोजनाओं की धीमी प्रगति सामने आने के बाद ठेकेदारों को नोटिस देने और 13 संविदाकारों को ब्लैकलिस्ट करने की जानकारी सामने आई थी।
अब ताजा कार्रवाई से यह संकेत स्पष्ट है कि अमृत मिशन की परियोजनाओं में देरी को लेकर विभाग अपना रुख और सख्त कर रहा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा जारी रहेगी और यदि काम में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार पक्षों पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
