जिन जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट बताया गया है उनमें सागर नर्मदापुरम नरसिंहपुर बालाघाट मंडला डिंडौरी अनूपपुर शहडोल कटनी मऊगंज सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इसके अलावा भोपाल इंदौर उज्जैन ग्वालियर रीवा और सतना समेत कई जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां ज्यादा प्रभावी रह सकती हैं जबकि प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी मानसून सक्रिय बना रहेगा।
भारी बारिश का असर कई इलाकों में दिखाई देने लगा है। खरगोन जिले के गोगांवा क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद साटक जलाशय पूरी क्षमता से भर गया और ओवरफ्लो हो गया। करीब 18.38 मिलियन क्यूबिक मीटर क्षमता वाला यह जलाशय स्पिलवे के ऊपर से बह रहा है। लंबे अंतराल के बाद जलाशय के इस तरह भरने से आसपास के इलाकों में भी लोगों की नजर जलस्तर पर बनी हुई है। साटक जलाशय इससे पहले भी बारिश के मजबूत दौर के दौरान ओवरफ्लो हो चुका है।
सतना जिले में भी लगातार रुक रुककर बारिश हो रही है। खासतौर पर तराई क्षेत्र में पहाड़ी इलाकों से तेजी से पानी नीचे आने के कारण हालात प्रभावित हुए हैं। धारकुंडी आश्रम के पास झरना तेज बहाव के साथ बह रहा है और पानी आश्रम परिसर तक पहुंच गया है। कोटर नगर परिषद कार्यालय परिसर और आसपास की दुकानों में भी पानी भरने की स्थिति सामने आई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वार्ड में पानी पहुंचने के बाद प्रसूताओं को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा। वहीं बिरसिंहपुर सेमरिया मार्ग पर मऊ नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने की जानकारी सामने आई है।
मौसम में बदलाव की बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम भी माना जा रहा है। उपलब्ध मौसम रिपोर्टों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र आगे बढ़कर डिप्रेशन में तब्दील हुआ है और इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ सक्रिय रहने की संभावना है। इसके चलते मध्य प्रदेश सहित मध्य भारत के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
प्रदेश में बारिश का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है हालांकि कई हिस्से अभी सामान्य बारिश से पीछे चल रहे हैं। ऐसे में यह नया मानसूनी दौर उन जिलों के लिए राहत लेकर आ सकता है जहां बारिश की कमी बनी हुई है। दूसरी ओर जिन क्षेत्रों में पहले से पर्याप्त बारिश हो चुकी है वहां तेज बारिश से जलभराव नदी नालों के जलस्तर में वृद्धि और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए नदी नालों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान पुलिया या रपटे पर पानी बहने की स्थिति में उसे पार करने से बचना चाहिए। प्रशासन की ओर से भी संवेदनशील क्षेत्रों में जलस्तर और बारिश की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा। फिलहाल एमपी में मानसून का यह नया दौर आने वाले कुछ दिनों तक मौसम को सक्रिय बनाए रख सकता है।
