नई दिल्ली । बांदा में कायस्थ समाज की महिलाओं को एकजुट कर समाजसेवा, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विदुषी कायस्थ महिला समूह का गठन किया गया है। समूह की स्थापना के साथ महिलाओं ने जरूरतमंद और वंचित वर्ग की सहायता करने, सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा महिला सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में मिलकर काम करने का संकल्प लिया। समूह का उद्देश्य महिलाओं को केवल एक मंच पर एकत्र करना नहीं, बल्कि उनकी सामूहिक क्षमता को समाजहित के कार्यों में इस्तेमाल करना है।
इसी उद्देश्य को लेकर सारंग होटल में समूह की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्रीमती नीता खरे ने की। कार्यक्रम में श्रीमती मृदुला सिन्हा, आर्य कन्या की पूर्व प्रधानाचार्य और समूह की संरक्षिका, तथा श्रीमती श्रद्धा निगम के मार्गदर्शन में महिलाओं ने सामाजिक जिम्मेदारियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में समाज में महिलाओं की भूमिका, जरूरतमंद परिवारों की सहायता और सामाजिक गतिविधियों में अधिक भागीदारी को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में 20 से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इनमें साधना निगम, साधना श्रीवास्तव, रंजना श्रीवास्तव, सुहासिनी श्रीवास्तव, कौमुदी श्रीवास्तव, सौम्या सक्सेना, अभिलाषा निगम, निधि श्रीवास्तव, शिल्पी श्रीवास्तव और प्रियंका निगम सहित कई महिलाएं शामिल रहीं। सभी ने समूह को सक्रिय और व्यापक स्वरूप देने पर जोर दिया। महिलाओं का कहना था कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से समाज के उन वर्गों तक सहायता पहुंचाई जा सकती है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
समूह की बैठक में जरूरतमंद एवं वंचित लोगों की सहायता को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। इसके साथ ही सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने, महिलाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की योजना पर भी चर्चा हुई। महिलाओं ने नियमित रूप से सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने तथा स्थानीय स्तर पर रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।
विदुषी कायस्थ महिला समूह के गठन को महिला सहभागिता बढ़ाने की दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है। समूह के माध्यम से महिलाओं को अपनी प्रतिभा और अनुभव का उपयोग सामाजिक कार्यों में करने का अवसर मिलेगा। साथ ही नई पीढ़ी की महिलाओं को भी सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करने की कोशिश की जाएगी।
बैठक में समूह के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। वर्तमान सदस्यों के साथ अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने और संगठन को व्यापक स्वरूप देने पर सहमति बनी। इसके लिए भविष्य में नियमित बैठकें और विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समूह की गतिविधियों में समाजसेवा के साथ महिला जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को भी प्रमुख स्थान दिया जाएगा।
समूह से जुड़ी महिलाओं ने इस पहल के पीछे सकारात्मक सोच को आधार बताया। उनका मानना है कि एक श्रेष्ठ विचार सामूहिक प्रयासों के माध्यम से व्यापक सामाजिक बदलाव का आधार बन सकता है। बांदा में शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार के लिए एक सक्रिय महिला मंच के रूप में विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
