झांसी। नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं और अभ्यर्थियों से रुपये ऐंठने वाले गिरोह का प्रेमनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने स्काईमैक्स कंपनी के नाम पर संचालित कार्यालय से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, 12 ई-स्टांप शपथ पत्र समेत बड़ी संख्या में फर्जी और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी प्रेमनगर तुलसीराम पांडेय के अनुसार, मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले के चंदेरी निवासी शिवानी रैकवार ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया कि हंसारी स्थित स्काईमैक्स कंपनी के संचालकों ने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे और अन्य अभ्यर्थियों से रकम वसूली। इसके बाद कूटरचित दस्तावेज भी तैयार कराए गए।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, अभ्यर्थियों को हंसारी स्थित जेपी कॉम्पलेक्स में बने कार्यालय में बुलाया जाता था। यहां उनसे ऑनलाइन और नकद दोनों माध्यमों से पैसे लिए जाते थे। आरोप है कि गिरोह कई नाबालिग बच्चों को भी नौकरी का झांसा देकर ठगी कर रहा था।
शिवानी की शिकायत पर पुलिस ने मध्य प्रदेश के पन्ना निवासी अंकित अवस्थी, उसकी पत्नी रोशनी अवस्थी, चित्रकूट के राजापुर निवासी राहुल तिवारी, चंदेरी अशोक नगर निवासी रंजीत, ललितपुर के जखौरा निवासी करतार और कमल के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल तिवारी, करतार सिंह, अंकित अवस्थी, रंजीत सिंह राजपूत, रोशनी अवस्थी और ललितपुर के बांसी गांव निवासी लक्ष्मी कुशवाहा उर्फ डोली को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, कमल और उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
पंजीकरण और ज्वाइंनिंग के नाम पर लेते थे रकम
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि स्काईमैक्स कंपनी के नाम पर युवक-युवतियों को नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। इसके बाद पंजीकरण और ज्वाइंनिंग के नाम पर उनसे रकम वसूली जाती थी। अभ्यर्थियों के आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर उनके आधार पर फर्जी कागजात तैयार किए जाते थे।
पुलिस के अनुसार, ठगी से मिली रकम को आरोपियों के साथ-साथ कंपनी के मुख्य कार्यालय नजफगढ़, नई दिल्ली स्थित खातों में भी ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
