नई दिल्ली। अंतरिक्ष में लंबे समय तक भटकने के बाद SpaceX का Falcon 9 रॉकेट आखिरकार चांद की सतह से जा टकराया। करीब 8690 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हुई इस जोरदार टक्कर ने चांद की सतह पर एक नया इंपैक्ट क्रेटर बना दिया। दक्षिण कोरिया के लूनर ऑर्बिटर Danuri ने इस पूरी घटना से पहले और बाद की तस्वीरें कैमरे में कैद की हैं।
वैज्ञानिकों के लिए यह घटना इसलिए खास है क्योंकि उन्हें रॉकेट के वजन, गति और संभावित टक्कर की जगह की पहले से जानकारी थी। ऐसे में वास्तविक टक्कर से मिले आंकड़ों की तुलना पहले लगाए गए अनुमान से की जा सकेगी।
जनवरी 2025 में लॉन्च हुआ था Falcon 9
Falcon 9 को जनवरी 2025 में दो निजी रोबोटिक लूनर लैंडर्स को अंतरिक्ष में भेजने के मिशन के तहत लॉन्च किया गया था। इनमें Blue Ghost और Resilience शामिल थे। Blue Ghost मार्च 2025 में सफलतापूर्वक चांद पर उतर गया था, जबकि Resilience अपनी लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
रॉकेट का पहला स्टेज धरती पर वापस लौट आया था, लेकिन दूसरा स्टेज मिशन पूरा होने के बाद अंतरिक्ष में रह गया। करीब 4,000 किलोग्राम वजन का यह हिस्सा बाद में सूर्य की गतिविधियों और गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव के कारण ऐसी कक्षा में पहुंच गया, जहां से उसका चांद की ओर बढ़ना तय हो गया।
Danuri ने 30 मिनट पहले शुरू की निगरानी
दक्षिण कोरिया का Danuri लूनर ऑर्बिटर चांद की कक्षा में मौजूद है। कोरिया एयरोस्पेस रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक, Danuri ने संभावित टक्कर से करीब 30 मिनट पहले उस क्षेत्र की निगरानी शुरू कर दी थी।
ऑर्बिटर ने इंपैक्ट साइट के ऊपर से कई बार गुजरते हुए कुल आठ अलग-अलग इमेजिंग सेशन किए। इसके जरिए टक्कर से पहले और बाद में चांद की सतह में आए बदलावों को रिकॉर्ड किया गया।
27 मीटर का क्रेटर बनने का था अनुमान
वैज्ञानिकों ने रॉकेट के वजन और अनुमानित टक्कर की गति को देखते हुए पहले ही अनुमान लगाया था कि इससे चांद की सतह पर करीब 27 मीटर चौड़ा क्रेटर बन सकता है। वास्तविक टक्कर के बाद Danuri से मिले आंकड़े इन वैज्ञानिक अनुमानों की जांच में अहम भूमिका निभाएंगे।
Danuri के डेटा को NASA के Lunar Reconnaissance Orbiter (LRO) से मिले आंकड़ों के साथ मिलाकर अध्ययन किए जाने की योजना है। इससे वैज्ञानिकों को चांद की सतह और वहां होने वाले इंपैक्ट के प्रभावों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है।
चांद पर पहले भी टकरा चुके हैं रॉकेट
चांद पर किसी मानव निर्मित रॉकेट या उसके हिस्से का गिरना पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई अंतरिक्ष अभियानों के दौरान रॉकेट के हिस्से चांद की सतह से टकराए हैं। 4 मार्च 2022 को चीन का Long March 3C रॉकेट भी चांद से टकराया था। इसके अलावा NASA के Apollo मिशनों के दौरान Saturn V के तीसरे चरण समेत अन्य उपकरणों को भी वैज्ञानिक प्रयोगों के तहत चांद की सतह पर गिराया गया था।
Danuri को दक्षिण कोरिया ने 2022 में लॉन्च किया था। यह देश का पहला लूनर ऑर्बिटर है और चांद के ध्रुवीय क्षेत्रों में बर्फ तथा पानी की संभावनाओं का अध्ययन करने समेत कई वैज्ञानिक मिशनों पर काम कर रहा है।
Falcon 9 के इस अनियंत्रित इंपैक्ट ने एक बार फिर अंतरिक्ष में बढ़ते मलबे और मिशन खत्म होने के बाद रॉकेट के हिस्सों के प्रबंधन से जुड़े सवालों को भी सामने ला दिया है।
