प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के समय कार की रफ्तार काफी तेज थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन कई फीट हवा में उछलकर सड़क पर दूर तक घिसटता चला गया। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सभी लोग अंदर फंस गए। आसपास मौजूद लोगों और पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़कर घायलों को बाहर निकाला।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी दीपक यादव ने बताया कि सबसे पहले वह मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने लोहे की रॉड की मदद से कार का दरवाजा तोड़ा और अंदर फंसे अबान को बाहर निकालने की कोशिश की। उनके अनुसार अबान के मुंह से खून निकल रहा था और उसने धीमी आवाज में कहा मुझे बचा लो। इसके कुछ ही क्षण बाद वह बेहोश हो गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
हादसे की वजह को लेकर दो अलग-अलग बातें सामने आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हाईवे पर अचानक एक बछड़ा आ गया था। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने कार मोड़ी और संतुलन बिगड़ने से वाहन डिवाइडर से टकरा गया। वहीं घायल उमर अहमद का कहना है कि सड़क पर पड़ी ईंट के कारण कार अनियंत्रित हुई और हादसा हुआ। पुलिस दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।
फॉरेंसिक जांच के दौरान कार से सिगरेट के पैकेट जूते और दो अंग्रेजी उपन्यास भी बरामद हुए हैं। माना जा रहा है कि अबान ये सामान अपने बड़े भाई अली के लिए लेकर जा रहा था जो इस समय झांसी जेल में बंद है। दुर्घटना के समय अबान आगे की सीट पर बैठा था जबकि उसका साथी जैद वाहन चला रहा था। हल्की बारिश के कारण सड़क भी फिसलन भरी बताई जा रही है जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई।
अबान अतीक अहमद का सबसे छोटा बेटा था। परिवार पहले ही कई बड़े झटके झेल चुका है। वर्ष 2023 में उसके भाई असद की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। उसी वर्ष अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में पुलिस सुरक्षा के बीच हत्या कर दी गई थी। फिलहाल परिवार के अन्य सदस्य अलग-अलग कानूनी मामलों में जेल में हैं जबकि अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अब भी फरार है।
अबान के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को प्रयागराज में अतीक अहमद की कब्र के पास ही अबान को सुपुर्द ए खाक किया जाएगा। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों को सामने लाने वाला साबित हुआ है।
