चित्रकूट। चित्रकूट में अमृत सरोवर 2.0 योजना के तहत नगर विकास परियोजना में शामिल राणा तालाब के कायाकल्प कार्य का जिलाधिकारी ने गुरुवार को निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्था को शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। फिलहाल परियोजना का करीब 49 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
राणा तालाब का पुनर्विकास यूपीपीसीएल (इकाई-13, बांदा) द्वारा कराया जा रहा है। 1.93 करोड़ रुपये (193.92 लाख) की लागत वाली इस परियोजना की शुरुआत जनवरी 2024 में हुई थी। अब तक प्रथम किश्त के रूप में 28.62 लाख रुपये और द्वितीय किश्त के रूप में 67.01 लाख रुपये, कुल 95.63 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं, जिनका पूरा उपयोग भी कर लिया गया है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि तालाब की सफाई और खुदाई, जलकुंभी एवं बेहया हटाने, इनलेट-आउटलेट निर्माण, घाट के स्ट्रक्चर, ड्रेनेज सिस्टम, गज़ीबो की फाउंडेशन और ट्रैक पर कॉलम निर्माण जैसे प्रमुख कार्य पूरे हो चुके हैं।
अब घाट का फिनिशिंग कार्य, बाउंड्री और इनर ग्रीन फेंसिंग, मुख्य प्रवेश द्वार, इंटरलॉकिंग टाइल्स, विजिटर शेड, बच्चों के खेल उपकरण, ओपन जिम, सबमर्सिबल पंप एवं पाइपलाइन, स्टोन पिचिंग, हॉर्टिकल्चर, साइनेज, सोलर हाईमास्ट, सोलर स्ट्रीट लाइट, बेंच और पेयजल जैसी सुविधाओं का विकास किया जाना बाकी है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शेष कार्य तय समय के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। साथ ही परियोजना को गति देने के लिए शेष धनराशि जारी कराने का प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजने की जानकारी भी दी गई।
अधिकारियों के अनुसार, राणा तालाब के कायाकल्प से जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी, क्षेत्र के लोगों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी और परियोजना पूरी होने के बाद यह स्थल पर्यावरण संरक्षण, सौंदर्यीकरण तथा स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने वाले प्रमुख आकर्षण के रूप में विकसित होगा।
