कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
समय क्षेत्र (टाइम जोन) के अंतर के कारण कुछ देशों में यह ग्रहण 11 अगस्त की तारीख में दिखाई दे सकता है, लेकिन भारतीय समय (IST) के अनुसार यह 12 अगस्त 2026 को लगेगा। इसलिए भारत में इसकी मान्य तिथि 12 अगस्त ही होगी।
सूर्य ग्रहण का समय (भारतीय समय)
ग्रहण प्रारंभ: रात 9:04 बजे
चरम (पीक): रात 11:17 बजे
ग्रहण समाप्त: देर रात 1:27 बजे (13 अगस्त)
कहां दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?
यह पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में दिखाई देगा—
ग्रीनलैंड
आइसलैंड
स्पेन
रूस
अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्से
इसके अलावा यूरोप के अधिकांश देशों, उत्तरी अमेरिका के कुछ क्षेत्रों और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में देखा जा सकेगा।
क्या भारत में दिखाई देगा?
नहीं। यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, क्योंकि भारतीय समय के अनुसार यह रात में घटित होगा। इसलिए देश में इसे देखा नहीं जा सकेगा।
क्या भारत में सूतक काल लगेगा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू होता है। लेकिन चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। मंदिरों के कपाट सामान्य रूप से खुले रहेंगे और पूजा-पाठ व अन्य मांगलिक कार्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।
ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और मघा नक्षत्र में लगेगा। सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य हैं, इसलिए इस राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण का प्रभाव वैश्विक स्तर पर मौसम, प्राकृतिक घटनाओं और राजनीतिक परिस्थितियों पर भी पड़ सकता है।
ग्रहण के बाद क्या करें?
– भगवान शिव या अपने इष्ट देव का स्मरण और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है।
– ग्रहण समाप्त होने के बाद गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन या लाल वस्त्र का दान करना धार्मिक दृष्टि से लाभकारी माना जाता है।
