राजधानी भोपाल में आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर शामिल हुईं। कार्यक्रम का आयोजन महारानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स कॉलेज में किया गया था, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचीं। जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, साइबर क्राइम और पारिवारिक विवाद से जुड़े कई मामलों की सुनवाई की गई। कार्यक्रम में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
जनसुनवाई के दौरान एक महिला मंच पर पहुंची और अपनी आपबीती सुनाते हुए पति पर गंभीर आरोप लगाए। महिला ने बताया कि उसका पति उसके सामने ही अपनी सगी बहन के साथ संबंध बनाता है। पीड़िता के अनुसार उसने कई बार इसका विरोध किया, लेकिन उसकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। महिला का कहना है कि उसने इस बारे में अपने सास-ससुर को भी जानकारी दी, लेकिन उन्होंने भी कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि वह कई बार पुलिस थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। परेशान होकर आखिरकार वह राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई में पहुंची और न्याय की मांग की।
महिला की शिकायत सुनने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
जनसुनवाई के दौरान एक अन्य मामला भी सामने आया, जिसमें पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद आयोग की मध्यस्थता से सुलझा दिया गया। जानकारी के अनुसार बच्चों को लेकर दोनों के बीच करीब दो महीने पहले विवाद हुआ था, जिसके बाद दोनों अलग रहने लगे थे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग की पहल पर दोनों के बीच बातचीत कराई गई और आपसी सहमति से समझौता हो गया। इसके बाद दोनों को मंच पर ही पौधा भेंट कर शुभकामनाओं के साथ विदा किया गया।
इसी कार्यक्रम में एक महिला ने भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र से जुड़ी शिकायत भी रखी। महिला का आरोप था कि पिछले एक साल से एक व्यक्ति उसका पीछा कर रहा है और कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। उसने कहा कि अब उसे घर से बाहर निकलने में भी डर लगता है। इस पर आयोग की अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग में पद खाली होने का मुद्दा भी उठाया गया। जानकारी दी गई कि आयोग में कई पद खाली होने के कारण महिलाओं से जुड़े 30 हजार से ज्यादा मामले लंबित पड़े हैं। इस पर विजया रहाटकर ने कहा कि इस विषय पर संबंधित स्तर पर चर्चा की जाएगी और जल्द समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना आयोग की प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
