सूर्य पूजा का सबसे उपयुक्त समय सूर्योदय के तुरंत बाद माना जाता है। इस समय वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा अधिक होती है और सूर्य की कोमल किरणें शरीर के लिए भी लाभकारी मानी जाती हैं। पूजा से पहले स्नान करके स्वच्छ और हल्के रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। इसके बाद तांबे के लोटे में स्वच्छ जल भरकर उसमें लाल फूल अक्षत और यदि संभव हो तो थोड़ा सा रोली या लाल चंदन डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। अर्घ्य देते समय जल की धारा के बीच से सूर्य के दर्शन करना शुभ माना जाता है। इस दौरान ॐ सूर्याय नमः या ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप किया जा सकता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य देव की पूजा करते समय मन और वचन की पवित्रता का विशेष महत्व होता है। पूजा केवल दिखावे के लिए नहीं बल्कि सच्ची श्रद्धा और सकारात्मक भाव से करनी चाहिए। यदि संभव हो तो रविवार के दिन विशेष रूप से सूर्य उपासना करें और जरूरतमंद लोगों को गेहूं गुड़ लाल वस्त्र या तांबे से जुड़ी वस्तुओं का दान करें। इसे पुण्यदायी माना गया है।
सूर्य पूजा के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक माना जाता है। सूर्य को अर्घ्य हमेशा खड़े होकर देना चाहिए और जल धीरे धीरे अर्पित करना चाहिए। पूजा करते समय क्रोध न करें और किसी के प्रति द्वेष की भावना न रखें। धार्मिक मान्यता है कि सकारात्मक विचारों के साथ की गई उपासना अधिक फलदायी होती है। साथ ही पूजा के बाद माता पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद लेना भी शुभ माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा सम्मान नेतृत्व क्षमता और सफलता का कारक ग्रह माना गया है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर हो तो उसे नियमित सूर्य उपासना करने की सलाह दी जाती है। हालांकि किसी भी ज्योतिषीय उपाय को अपनाने से पहले योग्य विद्वान से सलाह लेना उचित माना जाता है। नियमित सूर्य नमस्कार करना भी शरीर को स्वस्थ रखने और मन को संतुलित बनाने में सहायक माना जाता है। इससे शारीरिक ऊर्जा बढ़ती है और दिनभर कार्य करने की क्षमता में सुधार आता है।
धार्मिक दृष्टि से सूर्य देव की कृपा पाने के लिए सत्य का पालन ईमानदारी अनुशासन और परिश्रम को भी उतना ही महत्वपूर्ण माना गया है जितना पूजा पाठ को। केवल पूजा करने से ही नहीं बल्कि अच्छे कर्मों से भी जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। इसलिए सूर्य उपासना के साथ सदाचार और सेवा की भावना अपनाना भी आवश्यक माना जाता है।
यदि नियमित रूप से श्रद्धा और नियमों के साथ सूर्य देव की आराधना की जाए तो जीवन में आत्मविश्वास सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। धार्मिक आस्था के अनुसार ऐसी उपासना व्यक्ति को सफलता की ओर प्रेरित करती है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार करती है।
