हैदराबाद। एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026 में पहले ही विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर चुकी भारतीय महिला हॉकी टीम अब टूर्नामेंट का खिताब जीतने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सेमीफाइनल में शुक्रवार को भारत का सामना इटली से होगा।
भारतीय टीम ने पूल-बी में तीन मैचों से सात अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। समान सात अंक होने के बावजूद बेहतर गोल अंतर के आधार पर भारत पहले स्थान पर रहा, जबकि स्कॉटलैंड दूसरे स्थान पर रहा। मेजबान टीम ने पूल चरण में दो मैच जीते और एक मुकाबला ड्रॉ खेला।
भारत ने अपने अभियान की शुरुआत उरुग्वे पर 4-0 की शानदार जीत के साथ की। दूसरे मैच में स्कॉटलैंड के खिलाफ मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा, जबकि अंतिम पूल मैच में वेल्स को 4-1 से हराकर टीम ने प्रभावशाली तरीके से ग्रुप चरण समाप्त किया।
पूल चरण में दमदार प्रदर्शन के साथ भारत ने एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भी अपनी जगह सुनिश्चित कर ली। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार दो क्वालीफाइंग प्रतियोगिताओं में चौथे स्थान पर रहने वाली सबसे ऊंची विश्व रैंकिंग वाली टीम को भी विश्व कप का टिकट मिलता है।
इससे पहले सैंटियागो में खेले गए क्वालीफायर चरण में चिली, ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड ने सीधे विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था, जबकि जापान चौथे स्थान पर रहा था और उसकी विश्व रैंकिंग 15वीं है। विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर मौजूद भारत ने सुनिश्चित कर लिया कि वह दोनों क्वालीफाइंग प्रतियोगिताओं में चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों में सबसे ऊपर रहेगा, जिससे उसका विश्व कप में स्थान पक्का हो गया।
अब भारत सेमीफाइनल में इटली के खिलाफ जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाने की कोशिश करेगा। इटली ने पूल-ए में चार अंक लेकर दूसरा स्थान हासिल किया था, जहां उसने एक मैच जीता, एक ड्रॉ खेला और एक मुकाबला गंवाया।
भारतीय टीम को फॉरवर्ड नवनीत कौर से भी बड़ी उम्मीदें होंगी। नवनीत कौर अभी तक चार गोल के साथ टूर्नामेंट की संयुक्त शीर्ष स्कोरर हैं। उन्होंने वेल्स के खिलाफ अंतिम पूल मैच में शानदार हैट्रिक लगाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। दूसरी ओर इटली की टीम अपनी प्रमुख आक्रामक खिलाड़ी फेडेरिका कार्टा पर भरोसा करेगी, जिन्होंने अब तक प्रतियोगिता में तीन गोल किए हैं।
दोनों टीमों के बीच 2012 से अब तक सात मुकाबले हुए हैं, जिनमें भारत ने पांच मैच जीते हैं, जबकि इटली को एक जीत मिली है और एक मैच ड्रॉ रहा है। इससे सेमीफाइनल से पहले भारत को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। सेमीफाइनल से पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच श्योर्ड मरीन ने कहा कि विश्व कप 2026 के लिए क्वालीफाई करना टीम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासन, संयम और आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन किया है।
उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य केवल क्वालीफाई करना नहीं है, बल्कि हर मैच के साथ बेहतर प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट का खिताब जीतना है। उनके अनुसार सेमीफाइनल एक बड़ी चुनौती होगी और टीम पूरी एकाग्रता और ऊर्जा के साथ मैदान में उतरेगी।
