उमस से मिली राहत
बुधवार को बारिश से पहले जिले का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद नमी के कारण उमस लोगों को परेशान कर रही थी। दोपहर में शुरू हुई तेज बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत महसूस की।
मौसम विभाग ने पहले ही झांसी के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए मूसलाधार बारिश की संभावना जताई थी। पूर्वानुमान के अनुरूप हुई बारिश से लंबे समय से वर्षा का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिली।
अब तक सामान्य से 52 प्रतिशत कम बारिश
एक जून से 28 जुलाई तक जिले में 295.8 मिलीमीटर सामान्य वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 140.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यानी झांसी में अब तक सामान्य से 52 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। कम बारिश का सबसे अधिक असर खेती-किसानी पर पड़ा है। विशेष रूप से धान की फसल पर्याप्त पानी नहीं मिलने से प्रभावित हो रही है और किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
बारिश की कमी से बढ़ी थी किसानों की चिंता
जुलाई समाप्त होने को है, लेकिन जिले में सामान्य बारिश का लक्ष्य अभी भी काफी पीछे है। मौसम विभाग ने पिछले दिनों कई बार अच्छी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया, लेकिन अधिकांश अवसरों पर बादल बिना बरसे लौट गए।
बारिश की कमी से वर्षा आधारित खेती करने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, वहां धान की फसल सूखने लगी थी। हाल ही में मोठ तहसील के किसान रमेश चंद्र कुशवाहा की आत्महत्या की घटना ने भी किसानों की चिंता को और गहरा कर दिया था। परिजनों के अनुसार, फसल सूखने से वह मानसिक रूप से परेशान थे। हालांकि बुधवार की बारिश ने किसानों को कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी और लगातार वर्षा होने पर ही फसलों को वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
