सामने आए रिकॉर्ड के अनुसार डॉ. कारिना शुलियाक और जेफ्री एपस्टीन के बीच कई वर्षों तक घनिष्ठ संबंध रहे। बताया गया है कि जेल में अपनी मृत्यु से एक दिन पहले एपस्टीन ने अंतिम फोन कॉल भी कारिना को ही किया था। दोनों के बीच हुई बातचीत और उनके रिश्ते से जुड़े कई दस्तावेज अब सार्वजनिक हो चुके हैं, जिससे इस मामले को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
जांच से जुड़े दस्तावेजों में दोनों के हजारों निजी ईमेल, तस्वीरें और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। इनसे पता चलता है कि दोनों की पहचान वर्ष 2011 में हुई थी, जब कारिना उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका पहुंची थीं। उस समय वह डेंटिस्ट बनने की पढ़ाई कर रही थीं और बाद के वर्षों में दोनों के बीच करीबी संबंध विकसित हुए। रिकॉर्ड में यह भी उल्लेख है कि एपस्टीन ने उनकी शिक्षा और अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई थी।
दस्तावेजों के मुताबिक एपस्टीन ने कारिना की पढ़ाई का खर्च उठाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक सहयोग भी दिया। दोनों ने कई देशों की यात्राएं भी साथ कीं। समय बीतने के साथ कारिना एपस्टीन के निजी और व्यावसायिक मामलों में भी सहयोग करने लगीं। बताया जाता है कि वह उनकी कुछ संपत्तियों और कर्मचारियों के प्रबंधन से जुड़े कार्यों में भी शामिल थीं।
रिकॉर्ड में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका में स्थायी निवास दिलाने के उद्देश्य से कारिना का एक महिला नागरिक से विवाह कराया गया था। जांच दस्तावेजों के अनुसार यह विवाह ग्रीन कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया का हिस्सा माना गया। बाद में कारिना को अमेरिकी नागरिकता मिल गई और कुछ समय बाद यह विवाह समाप्त हो गया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भी उस समय कई सवाल उठे थे।
जुलाई 2019 में गिरफ्तारी के बाद एपस्टीन ने अपनी वसीयत में कुछ बदलाव किए थे। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार उन्होंने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा कारिना के नाम करने की इच्छा जताई थी। इसमें एक महंगी हीरे की अंगूठी का भी उल्लेख किया गया, जिसे कथित तौर पर विवाह के उद्देश्य से देने की योजना थी। हालांकि उनकी मृत्यु के बाद संपत्ति के वितरण को लेकर कानूनी प्रक्रिया लगातार जारी है।
गौरतलब है कि जेफ्री एपस्टीन पर कई नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे। वर्ष 2019 में गिरफ्तारी के बाद न्यूयॉर्क की जेल में उनकी मृत्यु हो गई थी, जिसे अधिकारियों ने आत्महत्या बताया था। उनकी मौत के बाद भी उनसे जुड़े कानूनी विवाद, जांच और संपत्ति से संबंधित मामले लगातार सामने आते रहे हैं। अब सार्वजनिक हुए नए दस्तावेजों ने इस बहुचर्चित मामले को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
