झांसी। झांसी की साइबर सेल और बरुआसागर थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को बरुआसागर थाने का इंस्पेक्टर बताकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करता था। आरोपी लोगों को अश्लील वीडियो देखने के नाम पर मुकदमा दर्ज होने और आजीवन कारावास का डर दिखाकर उनसे पैसे ऐंठता था। पुलिस के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी उसका गैंग सक्रिय है और अब उसके साथी खुद को केंद्रीय गृहमंत्रालय व यूपी डीजीपी कार्यालय का आईपीएस अधिकारी बताकर पुलिस पर आरोपी को छोड़ने का दबाव बना रहे हैं।
भारतीय साइबर अपराध समन्वय पोर्टल (I4C) के माध्यम से कर्नाटक के दो पीड़ितों की शिकायत मिलने पर जांच शुरू हुई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्हें “बरुआसागर थाने के इंस्पेक्टर राहुल पांडेय” के नाम से फोन आया था। कॉल करने वाले ने पोर्न देखने का मामला दर्ज होने और आजीवन सजा का भय दिखाकर क्यूआर कोड भेजा तथा शिकायत बंद कराने के नाम पर 10-10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।
तकनीकी जांच में आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के टहरका गांव निवासी दीपक खंगार पुत्र मोतीलाल के रूप में हुई। वह बरुआसागर थाने से करीब 20 किलोमीटर दूर रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने थाने में तैनात उपनिरीक्षक राहुल कुमार के नाम का फायदा उठाने के लिए खुद को “इंस्पेक्टर राहुल पांडेय” बताना शुरू किया, जिससे लोगों को उस पर आसानी से विश्वास हो जाए।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी दूसरे लोगों के सिम कार्ड और बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। फोन के दौरान वह यूट्यूब से पुलिस वायरलेस और लैंडलाइन फोन की घंटी की आवाजें चलाता था, जिससे पीड़ितों को लगता था कि वास्तव में थाने से कॉल आ रही है।
एएसपी अरीबा नोमान ने बताया कि आरोपी के मोबाइल, बैंक खातों, कॉल डिटेल और डिजिटल लेनदेन की गहन जांच की जा रही है। पुलिस पूरे साइबर गिरोह और उसके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
