बारिश का सबसे ज्यादा असर ज्वेलर्स बर्तन जनरल स्टोर और रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर देखने को मिला। दुकानदारों ने जल्दबाजी में सामान ऊंची जगहों पर रखा ताकि नुकसान कम हो सके। अचानक हुए जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हुई और कारोबार पर असर पड़ा। स्थानीय लोगों को सड़क पर जमा पानी के बीच आवाजाही करने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बैकुंठपुर में जलभराव की समस्या कोई नई बात नहीं है। हर वर्ष मानसून के दौरान यही हालात बनते हैं लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद नियमित रूप से नालियों की सफाई नहीं कराती जिसके कारण उनमें कचरा जमा रहता है और बारिश का पानी आसानी से नहीं निकल पाता। परिणामस्वरूप सड़कें तालाब में बदल जाती हैं और पानी दुकानों तथा घरों तक पहुंच जाता है।
वार्डवासियों का कहना है कि स्वच्छता और नालियों की सफाई के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर उसका असर दिखाई नहीं देता। उनका कहना है कि अभी मानसून की शुरुआत ही हुई है और यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। लगातार होने वाली बारिश से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ दैनिक जीवन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
स्थानीय निवासी केपी तिहारी ने बताया कि महज एक घंटे की बारिश में ही उनकी सहित आसपास की कई दुकानों में पानी भर गया। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद से शिकायत की जा चुकी है लेकिन नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण हर वर्ष यही स्थिति बन जाती है। वहीं निवासी राजेश गुप्ता ने बताया कि वार्ड की कई नालियां लंबे समय से जाम हैं जिससे पानी की निकासी बाधित होती है और बारिश का पानी सीधे घरों तथा दुकानों में पहुंच जाता है।
दूसरी ओर नगर परिषद का कहना है कि तेज बारिश के कारण कुछ स्थानों पर अस्थायी जलभराव हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक जहां भी नालियों में रुकावट की सूचना मिली है वहां सफाई दल भेजकर तत्काल सफाई कराई जा रही है। परिषद का दावा है कि पूरे बारिश के मौसम में जल निकासी व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता अनुसार सफाई अभियान चलाया जाएगा। हालांकि स्थानीय लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि हर मानसून में उन्हें इसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
