नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने संयुक्त जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, निर्माणाधीन एवं नवनिर्मित इकाइयों, मरीजों को मिल रही सेवाओं और अस्पताल की समग्र व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेन्द्र कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने चार आईसीयू बेड, आठ एचडीयू बेड, 20 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड तथा 32 बेड की केयर यूनिट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि एक भवन में 20 शैय्याओं वाला पीडियाट्रिक वार्ड संचालित है, जबकि दूसरे भवन में आईसीयू और एचडीयू की सुविधा विकसित की गई है, जिसका जल्द ही औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। जिलाधिकारी ने इन सुविधाओं के संचालन के लिए पर्याप्त चिकित्सकीय और सहायक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए कि अस्पताल में आवश्यक मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए उच्च अधिकारियों से तत्काल पत्राचार किया जाए। साथ ही, जिला स्तर पर उपलब्ध कराए जा सकने वाले कर्मचारियों की नियमानुसार शीघ्र तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि नई स्वास्थ्य इकाइयों का संचालन बिना किसी बाधा के शुरू हो सके और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती बच्चों और उनके परिजनों से भी बातचीत की। उन्होंने मरीजों से उपचार, दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। एक मरीज के परिजन ने बताया कि अस्पताल से सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और उपचार से स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बनाए रखने के निर्देश दिए।
अस्पताल परिसर में प्रस्तावित ओपीडी रजिस्ट्रेशन हॉल के लिए चिन्हित भूमि का भी निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अवर अभियंता को निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओपीडी पंजीकरण व्यवस्था बेहतर होने से मरीजों की सुविधा बढ़ेगी और अस्पताल में भीड़ प्रबंधन आसान होगा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में बनाए गए सामुदायिक शौचालय और आरओ प्लांट की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि दोनों सुविधाएं पूरी तरह क्रियाशील हैं और मरीजों व उनके परिजनों को नियमित रूप से इनका लाभ मिल रहा है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में संचालित प्रेरणा कैंटीन का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने पौष्टिक भोजन में मिलेट्स का उपयोग न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए कि कैंटीन में पौष्टिक एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराया जाए तथा नियमित निरीक्षण कर इसकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के अंतिम चरण में जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर के बाहर स्थित खाली भूमि का भी अवलोकन किया। उन्होंने अवर अभियंता को निर्देश दिए कि इस स्थान का समुचित समतलीकरण कर इसे वाहन पार्किंग के रूप में विकसित किया जाए, जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सुविधा मिल सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं और मरीजों की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं।
