गोरखपुर। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बसपा नेता की हत्या के आरोपी एवं एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल हसन की सोमवार देर रात मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
यह मुठभेड़ सोमवार रात करीब 11:15 बजे गोरखपुर जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर रामनगर-करजहा क्षेत्र में हुई। पुलिस के मुताबिक, करीब 30 मिनट तक चली मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से लगभग 15 राउंड गोलियां चलीं।
पुलिस पर फायरिंग का आरोप, जवाबी कार्रवाई में घायल
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल कुशीनगर की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर रामनगर-करजहा फोरलेन पर चेकिंग अभियान चलाया गया। रात करीब 11 बजे वह बाइक से वहां पहुंचा। पुलिस ने उसे रुकने का संकेत दिया, लेकिन वह बाइक मोड़कर भागने लगा।
पुलिस के अनुसार, पीछा किए जाने पर उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एसटीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह गोली लगने से घायल हो गए। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुस्तफिजुल को दो गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल आरोपी और पुलिसकर्मी को खोराबार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां बाद में इलाज के दौरान मुस्तफिजुल की मौत हो गई। मौके से पुलिस ने .32 बोर की पिस्टल, एक मोटरसाइकिल और कारतूस बरामद किए हैं।
चलती ट्रेन से पुलिस हिरासत से फरार हुआ था
पुलिस के अनुसार, मुस्तफिजुल हसन आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र का निवासी था और उसके खिलाफ हत्या, लूट सहित विभिन्न मामलों में आजमगढ़, हरदोई और महाराष्ट्र के अमरावती में कुल 10 मुकदमे दर्ज थे। दिसंबर 2024 में उसे गुजरात से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन आजमगढ़ लाते समय महाराष्ट्र के अमरावती रेलवे स्टेशन के पास शौचालय जाने का बहाना बनाकर वह चलती ट्रेन से कूदकर पुलिस हिरासत से फरार हो गया था।
2021 में हुई थी बसपा नेता कमालुद्दीन की हत्या
मुस्तफिजुल पर वर्ष 2021 में बसपा नेता कलामुद्दीन उर्फ कमालुद्दीन की हत्या का आरोप था। कमालुद्दीन ने आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था। एसटीएफ के अनुसार, कमालुद्दीन लखनऊ में प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े थे और 15 फरवरी 2021 को उनकी हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े कुछ फरार आरोपियों की भूमिका भी सामने आने की बात कही थी।
पुरानी रंजिश को माना जा रहा था हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2013 में मुस्तफिजुल के भाई कामरान की हत्या हुई थी, जिसमें कमालुद्दीन आरोपी थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी रंजिश के चलते 2021 में कमालुद्दीन की हत्या की गई। पुलिस का यह भी कहना है कि इस मामले का एक आरोपी अब भी फरार है।
