मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में अब किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इस संबंध में नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार सिंह ने सोमवार को आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गर्भगृह में रिकॉर्डिंग पर पूरी तरह रोक
जारी आदेश के अनुसार, मंदिर के गर्भगृह में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, लाइव स्ट्रीमिंग, वेबकास्टिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग या किसी भी प्रकार की दृश्य एवं श्रव्य सामग्री का निर्माण, संग्रह या प्रसारण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
आरती के दौरान सीमित अनुमति
हालांकि, प्रतिदिन होने वाली आरती के दौरान कुछ विशेष और अनुमोदित अवसरों पर सीमित एवं नियंत्रित रिकॉर्डिंग की अनुमति दी जा सकती है। इसके तहत केवल जिला सूचना अधिकारी या उनके द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि, मंदिर प्रशासन और सिटी मजिस्ट्रेट के अभिलेखों में दर्ज पंडा समाज के अधिकृत प्रतिनिधि तथा नगर मजिस्ट्रेट या उनके अधिकृत प्रतिनिधि की पूर्व अनुमति प्राप्त अधिकृत मीडिया प्रतिनिधि ही निर्धारित नियमों के तहत रिकॉर्डिंग कर सकेंगे।
मोबाइल और कैमरा भी हो सकते हैं जब्त
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई श्रद्धालु प्रतिबंध का उल्लंघन करता है तो उसके पास मौजूद मोबाइल फोन, कैमरा या रिकॉर्डिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य उपकरण साक्ष्य के रूप में जब्त किए जा सकते हैं। नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार सिंह ने कहा कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी के लिए अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
आदेश के पालन और निगरानी की जिम्मेदारी सीओ सिटी, विंध्याचल थाना प्रभारी तथा मंदिर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को सौंपी गई है। साथ ही मंदिर प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इस आदेश की जानकारी सभी प्रवेश द्वारों, प्रतीक्षालयों, दर्शन कतारों और अन्य प्रमुख स्थानों पर सूचना-पट्ट के माध्यम से प्रदर्शित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को पहले से इसकी जानकारी मिल सके।
