दिवंगत रेफरी रॉब डीपरिंक का करियर शानदार रहा था और वह वर्ष 2017 से नीदरलैंड की शीर्ष घरेलू फुटबॉल लीग ‘एरेडिविजी’ में रेफरी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। हाल ही में संपन्न हुए यूरो कप 2024 में भी उन्होंने वीएआर अधिकारी के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी प्रतिभा को देखते हुए ही फीफा ने उन्हें 2026 के महाकुंभ के लिए वीएआर अधिकारियों की मुख्य सूची में शामिल किया था। लेकिन टूर्नामेंट के आगाज से करीब एक महीने पहले लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस द्वारा एक नाबालिग के यौन उत्पीड़न के संगीन मामले में की गई उनकी गिरफ्तारी के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं।
इस गंभीर आपराधिक मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फीफा और डच फुटबॉल एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया और डीपरिंक को विश्व कप की रेफरी टीम से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया था। हालांकि, बाद में स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसियों को उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले, जिसके चलते इस कानूनी मामले को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया था। मामले के बंद होने के बाद डीपरिंक ने अपनी बेगुनाही साबित होने पर राहत की सांस ली थी, लेकिन विश्व कप जैसे प्रतिष्ठित मंच से बाहर किए जाने के फैसले से वह मानसिक रूप से काफी निराश और तनाव में चल रहे थे।
नीदरलैंड फुटबॉल संघ ने इस दुखद घटनाक्रम पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए एक आधिकारिक शोक संदेश जारी किया है। संघ ने अपने बयान में कहा कि रॉब डीपरिंक के असामयिक निधन की खबर से पूरा खेल जगत स्तब्ध है और देश ने न केवल एक अत्यंत सम्मानित खेल अधिकारी खोया है, बल्कि एक बेहद सहृदय और समर्पित साथी को भी गंवा दिया है। विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च शासी निकाय फीफा ने भी डच फुटबॉल संघ और दिवंगत रेफरी के पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। खेल इतिहास में इस विश्व कप को खिलाड़ियों और अधिकारियों की अप्रत्याशित क्षति के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।
