सहारनपुर में भारी बारिश ने बेहद संवेदनशील स्थिति पैदा कर दी। कब्रिस्तान की मिट्टी बह जाने से कई पुराने शवों के अवशेष बाहर आ गए, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और भय का माहौल बन गया। वहीं मुजफ्फरनगर में नहर ओवरफ्लो होकर टूट गई, जिससे आसपास के खेतों में पानी भर गया और किसानों की फसलें प्रभावित होने लगीं।
बिजनौर के चांदपुर क्षेत्र में सरकारी जूनियर हाईस्कूल की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय स्कूल में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वाराणसी और प्रतापगढ़ में गलियां जलमग्न हो गईं, जबकि प्रयागराज में जलभराव के कारण एक कार नाले में जा घुसी। स्थानीय लोगों की मदद से वाहन चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
हापुड़ के कई इलाकों में दो-दो फीट तक पानी भर गया है, जबकि बांदा में बारिश का पानी घरों में घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लखनऊ में पूरी रात बारिश होने के बाद सुबह भी बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही।
खराब मौसम को देखते हुए मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद, मुरादाबाद समेत 13 जिलों में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
बारिश से जुड़े हादसों में पिछले 48 घंटों के दौरान प्रदेश में 13 लोगों की जान जा चुकी है। संभल में सड़क दुर्घटना में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि मुजफ्फरनगर और बदायूं में कच्चे मकानों की दीवार गिरने से दो महिलाओं की जान चली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों और अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ मानसूनी सिस्टम अब मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच चुका है, जिसका व्यापक असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 49 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है और अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है।
गुरुवार को भी प्रदेश के 69 शहरों में बारिश दर्ज की गई थी। बिजनौर के नजीबाबाद में 24 घंटे के दौरान 306 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो 1952 के बाद चौथी सबसे अधिक और जुलाई महीने की तीसरी सबसे बड़ी बारिश मानी गई है। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग दोनों ही लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।
