9 महिलाओं समेत 11 आरोपी गिरफ्तार,41 लाख फ्रीज
झांसी। झांसी नगर की एक पॉश कॉलोनी में शादी कराने का झांसा देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का साइबर थाना और नवाबाद थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 9 महिलाओं और 2 पुरुषों सहित कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से साइबर ठगी में प्रयुक्त मोबाइल फोन, कंप्यूटर, दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, आभूषण और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। बरामद सामान की कीमत करीब 9 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के 7 खातों में करीब 41 लाख रुपये के लेन-देन का पता चलने पर उक्त राशि को तत्काल फ्रीज करा दिया गया है।

आईपीएस अरीबा नोमान ने खुलासा करते हुए बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति के निर्देशन में फर्जी कॉल सेंटरों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर थाना और नवाबाद थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जेल चौराहा स्थित राय कॉलोनी में सुनील राय के आलीशान मकान में संचालित ‘शादी संस्था डॉट कॉम’ पर छापेमारी की। मौके से पुलिस ने कॉल सेंटर संचालित करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे सभी 6 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करते थे। उनका काम शादी कराने के इच्छुक लोगों से फोन पर संपर्क कर उन्हें झांसे में लेना और विभिन्न शुल्क के नाम पर पैसा संचालकों द्वारा बताए गए बैंक खातों और क्यूआर कोड के माध्यम से जमा कराना था। आरोपियों ने बताया कि प्रत्येक सफल ठगी पर उन्हें अलग से कमीशन भी दिया जाता था। सभी कर्मचारी अपने दैनिक हिसाब-किताब की कॉपी मैनेजर साहिल साहू के पास जमा करते थे।
गिरफ्तार मैनेजर साहिल साहू, निवासी नवा तालाब पारा, रोगदा, सिउद, जिला जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़) ने पूछताछ में बताया कि वह गिरोह के संचालक हलधर साहू के लिए काम करता था और उसे 8 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था। उसने बताया कि हलधर साहू और सह-संचालिका आकांक्षा श्रीवास्तव कर्मचारियों को वेतन और कमीशन का भुगतान करते थे।
वहीं, सह-संचालिका आकांक्षा श्रीवास्तव, निवासी भट्टागांव, सदर बाजार, झांसी ने पुलिस को बताया कि वह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से संस्था से जुड़ी हुई है। उसका काम नई लड़कियों की भर्ती करना, उन्हें कॉलिंग की ट्रेनिंग देना तथा ठगी की प्रक्रिया समझाना था।
पुलिस ने मौके से कई मोबाइल फोन, कंप्यूटर सिस्टम, बैंकिंग दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क, ठगी के शिकार लोगों की संख्या और अन्य राज्यों तक फैले इसके संपर्कों की जांच में जुटी हुई है।
