गुरुवार को कारोबार के दौरान इंडस टावर्स के शेयर में बढ़त दर्ज की गई और बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। हाल के महीनों में कंपनी के शेयरों में लगातार गिरावट आई थी, जिसका मुख्य कारण रिलायंस जियो के साथ भविष्य में होने वाले टावर किराये के समझौतों को लेकर बनी अनिश्चितता रही। निवेशकों को आशंका थी कि यदि नए समझौते कंपनी के पक्ष में नहीं हुए तो उसके राजस्व और भविष्य की आय पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से शेयर पर दबाव बना रहा और इसमें उल्लेखनीय कमजोरी देखने को मिली।
हालांकि नोमुरा का मानना है कि बाजार ने इन आशंकाओं को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया है। ब्रोकरेज के अनुसार शेयर में आई हालिया गिरावट कंपनी की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती। उसका कहना है कि सबसे प्रतिकूल स्थिति में भी यदि कंपनी को जियो से जुड़े कुछ अनुबंधों का नुकसान उठाना पड़े, तब भी इंडस टावर्स के कारोबार की बुनियादी मजबूती बनी रह सकती है। इसी कारण वर्तमान स्तरों को निवेश के लिहाज से आकर्षक अवसर माना गया है।
ब्रोकरेज का आकलन है कि रिलायंस जियो के लिए मौजूदा टावर नेटवर्क में बड़े पैमाने पर बदलाव करना आसान नहीं होगा। देश के कई भीड़भाड़ वाले शहरों में इंडस टावर्स का व्यापक नेटवर्क पहले से मौजूद है और जियो लंबे समय से इन टावरों का उपयोग कर रही है। ऐसे में पूरी व्यवस्था को किसी अन्य नेटवर्क पर स्थानांतरित करना न केवल तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होगा, बल्कि इसमें भारी लागत भी आएगी। यही वजह है कि मौजूदा समझौतों में बड़े बदलाव की संभावना सीमित मानी जा रही है।
नोमुरा ने यह भी माना है कि इंडस टावर्स की प्रमोटर कंपनी भारती एयरटेल की मौजूदगी कंपनी के लिए एक अतिरिक्त मजबूती का आधार है। एयरटेल टेलीकॉम क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है और टावर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी उसकी रणनीतिक स्थिति कंपनी की सौदेबाजी क्षमता को मजबूत बनाती है। इससे भविष्य में किसी भी व्यावसायिक बातचीत के दौरान इंडस टावर्स की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रह सकती है।
ब्रोकरेज का यह भी मानना है कि यदि भविष्य में भारती एयरटेल इंडस टावर्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का फैसला करती है तो इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है। ऐसी किसी भी संभावित पहल का सकारात्मक प्रभाव शेयर के प्रदर्शन पर देखने को मिल सकता है और बाजार में कंपनी के प्रति विश्वास बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में लंबे समय की संभावनाएं अभी भी मजबूत बनी हुई हैं। बढ़ते डेटा उपयोग, 5जी नेटवर्क के विस्तार और डिजिटल सेवाओं की मांग के चलते टावर कंपनियों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में यदि मौजूदा अनिश्चितताएं धीरे-धीरे समाप्त होती हैं तो इंडस टावर्स के शेयर में सुधार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल बाजार की नजर जियो और इंडस टावर्स के बीच भविष्य के व्यावसायिक समझौतों तथा कंपनी से जुड़े आगे के रणनीतिक फैसलों पर बनी हुई है।
