राज्य के कई अन्य शहरों में भी बारिश का व्यापक असर देखने को मिला। नोएडा, गाजियाबाद, मथुरा, हाथरस, उन्नाव, औरैया और चित्रकूट सहित करीब 40 शहरों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। नोएडा में कई इलाकों में सड़कों पर करीब दो फीट तक पानी भर गया, जिससे दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आगरा में लगातार बारिश के कारण बड़ा हादसा हो गया। यहां एक दो मंजिला दुकान अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे में एक महिला समेत पांच लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई है। राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटा रहा।
हाथरस में हालात और भी चुनौतीपूर्ण रहे। सदर कोतवाली परिसर तक में पानी भर गया, जबकि कई सड़कों पर पानी का बहाव इतना तेज था कि कारें और मोटरसाइकिलें बहने लगीं। मथुरा में भी जलभराव की स्थिति बनी रही और कई इलाकों में नाले उफान पर आ गए। मंगलवार को एक डिलीवरी बॉय बाइक समेत नाले के तेज बहाव में फंस गया था, जिसे स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 68 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से बना सक्रिय मानसूनी सिस्टम अब मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच चुका है, जिसका व्यापक असर उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक 31 मिलीमीटर बारिश सोनभद्र जिले में दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 195 प्रतिशत अधिक है। हालांकि 1 जून से अब तक प्रदेश में कुल वर्षा सामान्य से करीब 45 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में लगातार होने वाली बारिश से इस कमी की भरपाई हो सकती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों, उफनते नालों और कमजोर इमारतों से दूर रहें। साथ ही मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।
