जून तिमाही के दौरान ट्रेंट ने 5,666 करोड़ रुपये की स्टैंडअलोन आय दर्ज की, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 4,781 करोड़ रुपये था। हालांकि कंपनी की आय में सालाना आधार पर वृद्धि हुई, लेकिन यह वृद्धि बाजार की उम्मीदों से कम रही। निवेशकों और विश्लेषकों को इस अवधि में लगभग 22 से 23 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद थी, जबकि वास्तविक वृद्धि करीब 19 प्रतिशत के आसपास रही। इसी अंतर ने शेयर बाजार में दबाव बढ़ा दिया।
तिमाही के अंत तक कंपनी के कुल स्टोरों की संख्या बढ़कर 1,312 हो गई। इनमें 301 वेस्टसाइड स्टोर, 982 जूडियो आउटलेट और लाइफस्टाइल श्रेणी के 29 स्टोर शामिल रहे। इसके बावजूद नए स्टोर खोलने की गति पहले की तुलना में अपेक्षाकृत धीमी रहने को लेकर बाजार ने चिंता जताई। रिटेल क्षेत्र में विस्तार की रफ्तार निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेतक मानी जाती है और इसी वजह से इस पहलू पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि तिमाही प्रदर्शन अपेक्षाओं से कमजोर जरूर रहा, लेकिन इसे कंपनी के कारोबार में किसी स्थायी या संरचनात्मक समस्या का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। उनका मानना है कि रिटेल कारोबार में तिमाही दर तिमाही उतार-चढ़ाव सामान्य बात है और किसी एक तिमाही के आंकड़ों के आधार पर कंपनी की दीर्घकालिक संभावनाओं का आकलन करना उचित नहीं होगा। आने वाली तिमाहियों में कंपनी के विस्तार और बिक्री की गति पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
हाल के महीनों में ट्रेंट के शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया था और निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न भी मिला था। मंगलवार की बड़ी गिरावट के बावजूद पिछले एक महीने के दौरान कंपनी का शेयर लगभग 9 प्रतिशत का लाभ दे चुका है। हालांकि एक वर्ष की अवधि में इसमें करीब 19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसके विपरीत, यदि लंबे समय के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले पांच वर्षों में ट्रेंट ने लगभग 390 प्रतिशत का उल्लेखनीय रिटर्न देकर निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
कंपनी के पिछले वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में ट्रेंट ने 5,028 करोड़ रुपये की आय दर्ज की थी। इस दौरान कुल खर्च 4,117 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग मुनाफा 911 करोड़ रुपये और कर के बाद शुद्ध लाभ 413 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। ऑपरेटिंग मार्जिन भी बढ़कर 18 प्रतिशत पर पहुंच गया था, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 15 प्रतिशत से अधिक था। इससे स्पष्ट है कि कंपनी की लाभप्रदता में सुधार देखने को मिला था, लेकिन मौजूदा तिमाही के कारोबारी संकेतकों ने निवेशकों की उम्मीदों को फिलहाल कुछ हद तक निराश किया है।
