झांसी। जनपद के चिरगांव कस्बे में एक पुराने मकान के मलबे से कथित रूप से चांदी के पुराने सिक्के मिलने की चर्चा ने पूरे क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल बना दिया। बुधवार को जैसे ही यह खबर फैली कि मकान के मलबे में पुराने सिक्के मिले हैं, बड़ी संख्या में लोग हरदौल मंदिर के पीछे स्थित तालाब किनारे पहुंच गए और मलबे में सिक्कों की तलाश शुरू कर दी। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने अब तक इस मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बजरियापुरा मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति ने अपना पैतृक मकान अपनी दोनों पुत्रियों के नाम कर दिया था। बुधवार को उनमें से एक पुत्री के हिस्से में आए जर्जर मकान को जेसीबी मशीन की सहायता से गिराया गया। इसके बाद मकान का मलबा ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से हरदौल मंदिर के पीछे स्थित तालाब के किनारे डलवाया जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने मलबे में पुराने सिक्के दिखाई देने की बात कही, जिसके बाद यह खबर तेजी से पूरे कस्बे में फैल गई।
सूचना मिलते ही आसपास के गांवों और मोहल्लों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। कई लोग घंटों तक मलबे की मिट्टी को हाथों से खंगालते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कुछ लोगों को पुराने चांदी के सिक्के मिले हैं, लेकिन इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, बाजार में यह अफवाह भी फैल गई कि मलबे से सोने के सिक्के भी मिले हैं, हालांकि इस संबंध में भी कोई प्रमाण या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
मामले में पुलिस का कहना है कि उन्हें सिक्के मिलने की सूचना जरूर मिली है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। एसएसआई आनंद कुमार के अनुसार, पुलिस के पास इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं आई है और न ही उन्होंने स्वयं मौके का निरीक्षण किया है।
फिलहाल यह मामला पूरे चिरगांव क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मलबे में वास्तव में पुराने चांदी के सिक्के मिले थे या फिर यह केवल अफवाह थी।
