समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा कि दो वर्ष पहले जब उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी तब देश एक नए राजनीतिक दौर में प्रवेश कर रहा था। 14 वर्षों बाद लेबर पार्टी की सत्ता में वापसी हुई थी और जनता ने बदलाव की उम्मीद के साथ उन्हें समर्थन दिया था। उन्होंने कहा कि उस समय उनका उद्देश्य केवल सरकार बनाना नहीं था बल्कि लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना था।
स्टार्मर ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीति में आने का उनका मकसद कभी सत्ता हासिल करना नहीं रहा। उनका लक्ष्य एक ऐसे ब्रिटेन का निर्माण करना था जहां हर नागरिक को समान अवसर मिले और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो भी निर्णय लिए वे हमेशा देशहित को सर्वोपरि रखते हुए लिए गए।
उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी राजनीतिक यात्रा चुनौतियों से भरी रही। स्टार्मर ने कहा कि जब उन्होंने लेबर पार्टी का नेतृत्व संभाला था तब पार्टी राजनीतिक, आर्थिक और नैतिक संकटों से जूझ रही थी। कई राजनीतिक विश्लेषकों और विरोधियों ने यहां तक कह दिया था कि लेबर पार्टी का भविष्य समाप्त हो चुका है और सत्ता में उसकी वापसी लगभग असंभव है। लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के सामूहिक प्रयासों से यह धारणा गलत साबित हुई।
अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए स्टार्मर ने कहा कि पार्टी के भीतर मौजूद विवादों और विभाजनकारी प्रवृत्तियों को समाप्त करने का प्रयास किया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनता का भरोसा फिर से जीतने के लिए लगातार काम किया गया। उन्होंने कहा कि एक ऐसी पार्टी का निर्माण किया गया जो राष्ट्रीय मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं के साथ मजबूती से खड़ी हो।
स्टार्मर ने कहा कि उनका सपना एक ऐसे ब्रिटेन का था जहां सम्मान, अवसर और समृद्धि केवल कुछ लोगों तक सीमित न रहकर सभी नागरिकों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इसी सोच के साथ काम किया और हर निर्णय में आम लोगों के हितों को प्राथमिकता दी।
गौरतलब है कि महज दो वर्ष पहले कीर स्टार्मर के नेतृत्व में लेबर पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए सत्ता में वापसी की थी। पार्टी को 174 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत मिला था और इसे ब्रिटिश राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा गया था। हालांकि उनके कार्यकाल के दौरान कई नीतिगत फैसलों और राजनीतिक विवादों को लेकर सरकार लगातार दबाव में भी रही।
इस्तीफे की घोषणा के साथ ब्रिटेन की राजनीति में नए नेतृत्व की तलाश शुरू हो गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि लेबर पार्टी अगला नेता किसे चुनती है और देश की बागडोर किसके हाथों में जाती है। फिलहाल स्टार्मर ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पार्टी के फैसले का सम्मान करते हैं और देशहित में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करेंगे।
