मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव है और योग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने बताया कि भारतीय ऋषि परंपरा ने जो पर्व और परंपराएं विकसित की हैं, उनका उद्देश्य हमेशा प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन को संतुलित रखना रहा है। योग भी इसी सोच का विस्तार है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच योग और भी अधिक आवश्यक हो गया है। नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और एकाग्रता को भी बढ़ाता है।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने योगाभ्यास में हिस्सा लिया और विभिन्न आसनों का प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे योग को केवल कार्यक्रम या आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं ताकि एक स्वस्थ और मजबूत समाज का निर्माण हो सके।
