इसी दौरान किसान हीरालाल प्रजापति उम्र 52 वर्ष और रामबोध यादव उम्र 55 वर्ष काम कर रहे थे। करंट लगने से हीरालाल मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गए जबकि उन्हें बचाने पहुंचे रामबोध यादव भी करंट की चपेट में आ गए और दोनों बुरी तरह घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदीशपुर पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर अमेठी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बिजली के तार की मरम्मत या रखरखाव में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक हादसे ने ग्रामीण क्षेत्र में बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
