बयानों का जाल: ‘आत्महत्या’ की झूठी कहानी और पुलिस का शक
वारदात के बाद खुशी माहौर ने पुलिस को गुमराह करने के लिए इसे ‘आत्महत्या’ का रूप देने की कोशिश की थी। लेकिन थाना प्रभारी अतुल परिहार को मौके के हालात और खुशी के बार-बार बदलते बयानों पर संदेह हुआ। मृतक लवकुश की बहन ने शुरू से ही पड़ोसी विक्रम परमार पर शक जताया था। जब पुलिस विक्रम के घर पहुँची, तो वह चैन से सोता हुआ मिला, ताकि किसी को उस पर शक न हो। लेकिन पुलिस की सूझबूझ के आगे यह ‘ओवरएक्टिंग’ काम नहीं आई।
WhatsApp चैट ने खोली ‘सीक्रेट’ आशिकी की पोल
आरोपी खुशी माहौर बेहद शातिर तरीके से विक्रम के संपर्क में थी। वह पकड़े जाने के डर सेविक्रम से चैट करने के बाद तुरंत मैसेज डिलीट कर देती थी। शक से बचने के लिए वह कई बार विक्रम को ब्लॉक कर देती और मौका मिलते ही अनब्लॉक कर साजिश रचती थी। पुलिस ने जब विक्रम का मोबाइल खंगाला, तो डिलीट किए गए डेटा के बीच कुछ ऐसी चैट्स मिलीं, जिसने कत्ल की पूरी प्लानिंग उजागर कर दी।
खौफनाक रात: प्रेमी को कट्टे के साथ घर बुलाया
पूछताछ में सामने आया कि घटना की रात दोनों ने पहले से योजना बना रखी थी। जैसे ही लवकुश गहरी नींद में सोया, खुशी ने विक्रम को कट्टा लेकर घर के अंदर बुला लिया। खुशी की मौजूदगी में ही विक्रम ने सोते हुए लवकुश पर गोली चला दी। वारदात के बाद विक्रम चुपचाप अपने घर जाकर सो गया, जबकि खुशी ने शोर मचाकर ड्रामा शुरू कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
सिहोनिया पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल अवैध कट्टा बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या और साजिश की धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
