रामनिवास रावत की याचिका में आरोप था कि मुकेश मल्होत्रा ने 2024 के उपचुनाव के नामांकन में अपने खिलाफ दर्ज 6 में से 4 क्रिमिनल केस छिपाए थे। केवल दो केस की जानकारी दी गई थी। हाईकोर्ट ने पाया कि उम्मीदवार ने हलफनामे में आवश्यक जानकारी छिपाई थी, इसलिए उनका चुनाव रद्द कर दिया गया और दूसरे नंबर पर रहे रावत को विजयपुर का MLA घोषित किया गया।
इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और विश्वास जताया कि जनता फिर कांग्रेस को भारी वोटों से विजयी बनाएगी। वहीं सुप्रीम कोर्ट के वकील विवेक तन्खा ने कहा कि केवल कुछ जानकारी गलत दी गई थी, इसका मतलब चुनाव में धांधली नहीं हुई। वे अपील करेंगे और विश्वास है कि मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलेगी।
मुकेश मल्होत्रा ने 2 मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। इसके पहले वे बीजेपी में सक्रिय रहे और सहारिया प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री भी रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में वे निर्दलीय उम्मीदवार थे और आदिवासी वोट बैंक के बल पर विजयपुर सीट से 45 हजार वोटों से जीते थे।
ग्वालियर हाईकोर्ट ने उपचुनाव में सभी उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया और हलफनामे में जानकारी छिपाने का मामला सामने आने पर जांच की। यह मामला उम्मीदवारों द्वारा हलफनामे में क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाने से जुड़ी गंभीर कानूनी चेतावनी साबित हुआ।
