झाँसी। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती कमलेश कच्छल के संरक्षण एवं प्रेरणा से तथा सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती ईशा त्रिपाठी के निर्देशन में आयोजित ‘समर ऐकेडमिक इंटर्नशिप प्रोग्राम’ के अंतर्गत आज एल.एल.बी. एवं एल.एल.एम. के छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक कानूनी प्रक्रिया और सामाजिक विधिक सरोकारों से रूबरू कराने के उद्देश्य से एक वृहद व बहुआयामी प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम को अधिक प्रभावी और केंद्रित बनाने के लिए इंटर्न्स को चार अलग-अलग विशिष्ट बैचों में विभाजित कर विभिन्न न्यायिक व सामाजिक संस्थाओं का भ्रमण एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण कराया गया।
प्रशिक्षण के व्यावहारिक चरण में छात्रों के एक दल को आई.टी.आई. के पास स्थित वृद्धाश्रम का दौरा कराया गया। यहाँ कानून के छात्रों ने वरिष्ठ नागरिकों (बुजुर्गों) के रहन-सहन, खान-पान, स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया तथा माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के अंतर्गत मिलने वाले कानूनी अधिकारों को समझा। छात्रों ने बुजुर्गों से बातचीत कर उनके अनुभवों को साझा किया और समाज में उनके प्रति संवेदनशीलता का संकल्प लिया।
दूसरे बैच को मध्यस्थता केंद्र के व्यावहारिक ढांचे से परिचित कराया गया। यहाँ छात्र-छात्राओं को वरिष्ठ मध्यस्थ अधिकारियों के साथ रखा गया, जहाँ उन्होंने लाइव मध्यस्थता प्रक्रिया को देखा। छात्रों ने जाना कि किस प्रकार कोर्ट-कचहरी के चक्करों से दूर, बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में आपसी संवाद स्थापित कराकर मुकदमों का सम्मानजनक निस्तारण कराया जाता है।
तीसरे बैच के छात्रों को चीफ लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल कार्यालय का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्हें देश में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों की तकनीकी व व्यावहारिक बारीकियों से अवगत कराया गया। छात्रों ने सीखा कि किस प्रकार धन के अभाव में न्याय से वंचित गरीब व असहाय अपराधियों को सरकारी खर्च पर सर्वश्रेष्ठ क्रिमिनल डिफेंस वकील मुहैया कराकर विधिक सहायता दी जाती है। चौथे बैच के इंटर्न्स को विभिन्न न्यायालयों के कोर्ट रूम का लाइव विजिट कराया गया। छात्रों ने न्यायाधीशों की पीठ, साक्ष्य संकलन, गवाहों के परीक्षण और अधिवक्ताओं की जिरह की वास्तविक अदालती प्रोसीडिंग को करीब से देखा और कोर्ट क्राफ्ट की बारीकियों को डायरी में नोट किया।
