जनपद में 91 लाख पौधरोपण का लक्ष्य, तैयारियां तेज करने के दिए निर्देश
अमृत सरोवर व नहर किनारे होगा व्यापक पौधरोपण, आंगनबाड़ी केंद्रों पर लगाए जाएंगे सहजन के पौधे
झांसी। जिले में वृक्षारोपण अभियान को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। विकास भवन सभागार में आयोजित जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने गड्ढा खुदान कार्य में शून्य प्रगति वाले विभागों पर नाराजगी जताई। उन्होंने राजस्व विभाग, स्थानीय निकाय, आवास विकास, परिवहन, विद्युत और लोक निर्माण विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को 15 जून तक हर हाल में लक्ष्य के सापेक्ष गड्ढा खुदान पूरा करने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने कहा कि शासन स्तर से जिले को 91 लाख से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य मिला है, जिसे मिशन मोड में पूरा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्ष्य में किसी प्रकार की कटौती नहीं होगी और सभी विभागों को तय कार्ययोजना के अनुसार तेजी से काम करना होगा। बैठक में सीडीओ ने वृक्षारोपण अभियान को जन आंदोलन बनाने पर जोर देते हुए कहा कि स्कूलों में बच्चों को पौधे देकर उन्हें संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाए। स्वयंसेवी संस्थाओं और ग्रामीणों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर, नहर किनारे और आंगनबाड़ी केंद्रों के आसपास भी बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा, जहां सहजन के पौधे लगाए जाएंगे। प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार आर्य ने बताया कि वन विभाग की पौधशालाओं में 97.59 लाख से अधिक पौधे तैयार कर लिए गए हैं। इनमें 83 प्रजातियों के पौधे शामिल हैं।
बैठक में पौधों की सुरक्षा, सिंचाई, निराई-गुड़ाई और ढुलान व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार आर्य, अपर नगर आयुक्त राहुल यादव सहित सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
ओबीसी शादी अनुदान योजना में 1183 लाभार्थियों का लक्ष्य, पात्र परिवारों को पुत्री विवाह पर मिलेंगे 20 हजार रुपये
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की शादी अनुदान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में झांसी जनपद को 1183 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय स्वीकृति समिति की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में बताया गया कि अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र परिवारों को पुत्री विवाह के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का लाभ उन परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है। वर की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और वधु की 18 वर्ष निर्धारित की गई है। सीडीओ ने निर्देश दिए कि आवेदन पत्रों का सत्यापन समयबद्ध तरीके से कर प्रतिमाह भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार लाभान्वित हो सकें। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी ललिता यादव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
