इसके बाद आरोपियों ने व्यापारी को “मैटर निपटाने” की बात कहते हुए अपने साथ बैठा लिया और पास की शराब दुकान पर ले गए। यहां पहले से मौजूद एक पुलिसकर्मी वर्दी में पहुंचा और मामले को और गंभीर बताते हुए दबाव बनाया। व्यापारी को दुकान के पीछे ले जाकर करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया।
एक लाख की मांग, 95 हजार में तय हुआ सौदा
पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसे झूठे केस से बचाने के लिए एक लाख रुपए की मांग की। बाद में बातचीत के बाद यह रकम 95 हजार रुपए पर तय हुई। व्यापारी ने 45 हजार रुपए नकद दिए, जबकि 50 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। पैसे मिलने के बाद उसे छोड़ा गया। शिकायत में बताया गया कि इस पूरे घटनाक्रम में मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, हेड कांस्टेबल रज्जाक खान, कांस्टेबल रामशरण अहिरवार और एक अन्य व्यक्ति बृजेश यादव शामिल थे।
जांच में आरोप सही पाए गए, FIR दर्ज
पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत एसपी को सौंपी। इसके बाद उच्च स्तरीय जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों और अन्य आरोपी के खिलाफ साजिश, अवैध वसूली और आपराधिक धमकी की धाराओं में FIR दर्ज की गई है। इससे पहले तीन पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच भी किया गया था। अब सभी आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
व्यापारी का आरोप और पुलिस की कार्रवा
व्यापारी का कहना है कि उन्हें पूरी तरह से झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और जबरन पैसे वसूले गए। मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर भी कार्रवाई की मांग उठी थी। एसपी ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच आगे बढ़ा दी है और विभागीय स्तर पर भी सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
