विनिवेश विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार पहले चरण में बैंक में अपनी 4 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री के लिए उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 4 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का प्रावधान भी रखा गया है, जिससे कुल बिक्री 8 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यह पूरी प्रक्रिया सरकार की उन नीतियों का हिस्सा है, जिसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में हिस्सेदारी घटाकर बाजार आधारित संरचना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
ऑफर फॉर सेल की शुरुआत नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए 22 मई से कर दी गई है। इस दौरान संस्थागत निवेशकों को निर्धारित समय के भीतर अपनी बोलियां लगाने का अवसर दिया गया है। सरकार ने इस इश्यू के लिए न्यूनतम मूल्य 31 रुपये प्रति शेयर तय किया है, जो पिछले बंद भाव की तुलना में लगभग 9.4 प्रतिशत कम है। इस मूल्य निर्धारण को निवेशकों को आकर्षित करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
रिटेल निवेशकों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया 25 मई से शुरू होगी। इस दिन आम निवेशक और पात्र कर्मचारी निर्धारित बाजार समय के दौरान अपनी बोलियां लगा सकेंगे। नियमों के अनुसार, कुल ऑफर किए गए शेयरों का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा, जिससे छोटे निवेशकों को भी इस विनिवेश प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिल सके।
ऑफर डॉक्यूमेंट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बैंक के कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से 75 लाख इक्विटी शेयर आरक्षित किए गए हैं। यह कदम कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकार की योजना के अनुसार, प्रारंभिक चरण में 36.21 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी, जो 4 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। यदि ग्रीन शू विकल्प का पूरा उपयोग किया जाता है, तो अतिरिक्त 36.21 करोड़ शेयर और बेचे जाएंगे, जिससे कुल बिक्री दोगुनी होकर लगभग 72.41 करोड़ शेयर तक पहुंच सकती है। इस स्थिति में कुल इश्यू साइज लगभग 2,244 करोड़ रुपये तक हो सकता है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के OFS से बैंक के शेयरों में निकट भविष्य में अस्थिरता देखने को मिल सकती है, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि से यह प्रक्रिया निवेशकों के लिए अवसर भी पैदा कर सकती है। वहीं, सरकार के इस कदम को विनिवेश लक्ष्य पूरा करने और बैंकिंग सेक्टर में हिस्सेदारी संरचना को संतुलित करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
