सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला कथित जबरन वसूली और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच लंबे समय से चल रही थी। जांच एजेंसी को शुरुआती इनपुट्स में ऐसे संकेत मिले थे कि इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध धन को इधर-उधर किया गया और उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई। इसी आधार पर कई स्थानों को चिन्हित कर एक साथ कार्रवाई की गई।
कोलकाता के रॉय स्ट्रीट इलाके में स्थित एक होटल और एक कारोबारी के घर पर जांच टीमों ने छापेमारी की। इसके अलावा शहर के कुछ अन्य हिस्सों में भी तलाशी अभियान चलाया गया, जहां दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। इसी दौरान कोलकाता पुलिस से जुड़े एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और एक सब-इंस्पेक्टर के आवास पर भी जांच एजेंसी की टीमों के पहुंचने की जानकारी सामने आई, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
वहीं मुर्शिदाबाद जिले के कांडी इलाके में भी एक महत्वपूर्ण ठिकाने पर छापेमारी की गई, जो कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़े व्यक्ति का निवास बताया जा रहा है। जांच एजेंसी इस पूरे मामले में आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि धन का प्रवाह किन माध्यमों से और किन लोगों तक पहुंचा।
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पूछताछ और प्रारंभिक विश्लेषण के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क में कई संस्थाओं और व्यक्तियों का उपयोग किया गया, जिसके जरिए काले धन को वैध आर्थिक ढांचे में बदलने की कोशिश की गई। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि इस पूरे रैकेट से किन प्रभावशाली लोगों को लाभ मिला और उनका इसमें क्या रोल रहा।
फिलहाल जांच एजेंसी की टीमें दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड को खंगालने में जुटी हैं। अभी तक इस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह साफ है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे संभव हैं।
