जानकारी के अनुसार, आदिल हुसैन शाह पहलगाम क्षेत्र में पोनी चलाने का कार्य करते थे और पर्यटकों की सेवा से जुड़े रहते थे। 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के दौरान उन्होंने कई पर्यटकों की जान बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वे स्वयं गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मृत्यु हो गई। उनकी इस बहादुरी ने पूरे क्षेत्र में गहरी छाप छोड़ी थी।
राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के तहत अनंतनाग जिले के हापतनगर स्थित एक सरकारी हाई स्कूल का नाम बदलकर शहीद आदिल मेमोरियल हाई स्कूल कर दिया गया है। इस फैसले को सरकार की ओर से आयोजित एक विशेष समारोह में औपचारिक रूप से लागू किया गया, जिसमें शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि आदिल शाह का बलिदान केवल एक व्यक्ति की बहादुरी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों को अक्सर गलत नजरिए से देखा जाता है, लेकिन आदिल शाह ने अपने कार्य से यह साबित किया कि यहां के लोग अपने मेहमानों की सुरक्षा और सम्मान के लिए हमेशा आगे रहते हैं।
परिवार के सदस्यों ने इस फैसले पर सरकार का आभार व्यक्त किया और इसे गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि स्कूल का नाम उनके नाम पर रखे जाने से आने वाली पीढ़ियां भी आदिल शाह के साहस और बलिदान को याद रखेंगी। स्थानीय लोगों ने भी इस कदम का स्वागत किया और इसे एक प्रेरणादायक निर्णय बताया, जिससे क्षेत्र में शांति और मानवता का संदेश और मजबूत हुआ है।
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