प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिले में IPL मैचों के दौरान सट्टेबाजी का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, जिससे कई परिवार आर्थिक संकट में फंस चुके हैं। वहीं स्मैक जैसे नशीले पदार्थों का कारोबार युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अब सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तर पर गंभीर संकट बन चुकी है।
ज्ञापन में कई मामलों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि सट्टा कारोबार के दबाव और कर्ज के कारण कुछ लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत या आत्महत्या तक की घटनाएं सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि IPL सट्टा रैकेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और स्मैक कारोबारियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह ने इस दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कार्रवाई अक्सर छोटे स्तर के लोगों तक सीमित रह जाती है, जबकि असली संचालक नेटवर्क के बड़े खिलाड़ी खुलेआम बच जाते हैं। उन्होंने पुलिस से अपील की कि चेन सिस्टम के जरिए मुख्य आरोपियों तक पहुंचा जाए।
रावत समाज की ओर से यशपाल रावत ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि समाज के कुछ युवा नशे के कारोबार में शामिल पाए जा रहे हैं, जिनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही ऐसे लोगों की सूची बनाकर पुलिस को सौंपी जाएगी ताकि कार्रवाई तेज की जा सके।
वहीं पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि जिले में सट्टा और नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान में पुलिस के साथ-साथ आम जनता और सामाजिक संगठनों का सहयोग भी जरूरी होगा।
कुल मिलाकर शिवपुरी में बढ़ते नशे और सट्टे के खिलाफ यह प्रदर्शन प्रशासन पर सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ाता है, जबकि पुलिस ने जल्द बड़े अभियान की बात कहकर स्थिति को नियंत्रित करने का भरोसा दिया है।
