1970 के दशक से शुरू हुई थी स्टिकर की कहानी
Apple ने अपने शुरुआती प्रोडक्ट Apple II के साथ 1970 के दशक में पहली बार रेनबो Apple लोगो वाले स्टिकर देना शुरू किया था। बाद में 1988 के आसपास कंपनी ने इन्हें सॉलिड कलर लोगो में बदल दिया। धीरे-धीरे ये स्टिकर MacBook, iPod, iPhone और iPad जैसे हर प्रोडक्ट का हिस्सा बन गए। यूजर्स इन्हें लैपटॉप, कार और बैग पर लगाकर Apple ब्रांड को प्रमोट करने लगे।
Apple के लिए क्यों थे ये स्टिकर इतने खास?
Apple के लिए ये सिर्फ स्टिकर नहीं बल्कि एक सस्ते लेकिन बेहद प्रभावी मार्केटिंग टूल थे। कंपनी ने बिना किसी अतिरिक्त विज्ञापन खर्च के अपने यूजर्स को ही ब्रांड एंबेसडर बना दिया था। जहां भी ये स्टिकर लगाए जाते, वहीं Apple का लोगो खुद-ब-खुद प्रमोशन करता। साथ ही, बॉक्स खोलते समय मिलने वाला यह छोटा गिफ्ट यूजर्स के लिए एक प्रीमियम एक्सपीरियंस भी बन गया था।
अब क्यों बंद कर दिए गए फ्री स्टिकर?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple ने 2024 के बाद से धीरे-धीरे अपने प्रोडक्ट बॉक्स से फ्री स्टिकर हटाने शुरू कर दिए हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह कंपनी का ‘कार्बन न्यूट्रल’ और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी वाला लक्ष्य बताया जा रहा है। Apple अब पूरी तरह फाइबर-बेस्ड और इको-फ्रेंडली पैकेजिंग की ओर बढ़ रहा है। चूंकि पुराने स्टिकर प्लास्टिक आधारित थे, इसलिए इन्हें हटाना इस नई ग्रीन पॉलिसी का हिस्सा है।
कुल मिलाकर, Apple का यह कदम पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबिलिटी की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, लेकिन लंबे समय से चले आ रहे एक छोटे लेकिन लोकप्रिय फीचर का अंत भी हो गया है।
