जांच एजेंसियों की गिरफ्त में आए मोहम्मद उस्मान जट्ट ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसे पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ट्रेनिंग कैंपों में कश्मीर को लेकर एक अलग तस्वीर दिखाई गई थी। उसे यह भरोसा दिलाया गया था कि घाटी में हालात बेहद खराब हैं और वहां के लोग भारत के खिलाफ खड़े हैं। लेकिन जब वह घुसपैठ के जरिए जम्मू-कश्मीर पहुंचा और उसने आम लोगों की जिंदगी को करीब से देखा, तो उसकी सोच पूरी तरह बदल गई। उसने माना कि उसे जो बताया गया था, वास्तविकता उससे बिल्कुल अलग थी।
सूत्रों के मुताबिक, लाहौर निवासी यह आतंकी उत्तरी कश्मीर के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था। उसे कई आतंकी हमलों को अंजाम देने के निर्देश दिए गए थे। शुरुआती दिनों में उसने कुछ संदिग्ध गतिविधियों में हिस्सा भी लिया, लेकिन धीरे-धीरे उसका फोकस बदलने लगा। घाटी में सामान्य जनजीवन, बाजारों की रौनक और लोगों की दिनचर्या देखने के बाद वह खुद दुविधा में पड़ गया। यही कारण था कि उसने अपने मिशन से दूरी बनानी शुरू कर दी।
जांच के दौरान सामने आई सबसे हैरान करने वाली जानकारी यह रही कि आतंकी ‘चाइनीज’ अपने पुराने शौक को पूरा करने में लग गया था। बताया जा रहा है कि वह श्रीनगर में हेयर ट्रांसप्लांट करवाने पहुंचा था, जहां सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया। एक तरफ जहां उसे बड़े आतंकी मिशन के लिए भेजा गया था, वहीं दूसरी तरफ वह अपनी निजी इच्छाओं में उलझ गया। इसी लापरवाही ने आखिरकार उसे जांच एजेंसियों के शिकंजे तक पहुंचा दिया।
पूछताछ में आतंकी ने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान में युवाओं को कश्मीर के नाम पर भड़काया जाता है और उन्हें गलत सूचनाएं देकर आतंकी संगठनों में शामिल किया जाता है। उसने माना कि वास्तविकता देखने के बाद उसे महसूस हुआ कि घाटी के लोग शांति और सामान्य जिंदगी चाहते हैं, जबकि सीमा पार बैठे संगठन अपने फायदे के लिए युवाओं का इस्तेमाल करते हैं।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई नेताओं ने इसे पाकिस्तान के झूठे नैरेटिव की सबसे बड़ी हार बताया। उनका कहना है कि जब खुद पाकिस्तान से भेजा गया आतंकी ही वहां के प्रोपेगेंडा को झूठा बता रहा है, तो यह पूरी दुनिया के सामने एक बड़ा संदेश है। फिलहाल जांच एजेंसियां आतंकी से जुड़े नेटवर्क, उसके संपर्कों और भारत में उसकी गतिविधियों को लेकर गहन पूछताछ कर रही हैं।
