जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता निशांत मिश्रा दो दिन पहले कचहरी परिसर में मौजूद थे, तभी कुछ अन्य वकीलों के साथ उनका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और सरेआम मारपीट भी की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।
पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने नवाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। लगातार पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद जब मामला आगे नहीं बढ़ा तो वह सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि अधिवक्ता अपने साथ दो बोतलों में मिट्टी का तेल लेकर पहुंचे थे। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने उन्होंने खुद पर मिट्टी का तेल डाल लिया और माचिस जलाने की कोशिश करने लगे। यह देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। एक महिला ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह अकेले उन्हें संभाल नहीं सकीं।
इसी दौरान वहां मौजूद अन्य अधिवक्ताओं और ज्ञापन देने पहुंचे कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तुरंत हस्तक्षेप किया और अधिवक्ता को पकड़कर माचिस छीन ली। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
घटना के बाद पीड़ित अधिवक्ता ने कहा कि पुलिस उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं कर रही थी और वह खुद को अपमानित महसूस कर रहा था। इसी मानसिक तनाव में उसने आत्मदाह जैसा कदम उठाने की कोशिश की।
मौके पर पहुंचे सीओ सिटी, एसडीएम और नवाबाद थाना पुलिस ने अधिवक्ता से बातचीत कर मामले की जानकारी ली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मारपीट के आरोपों के साथ आत्मदाह के प्रयास की घटना को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।
झांसी में मारपीट मामले में कार्रवाई न होने से नाराज एक अधिवक्ता ने कलेक्ट्रेट परिसर में खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया।
मौके पर मौजूद लोगों और वकीलों ने समय रहते उसे बचा लिया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा।
